DGCA New Air Ticket Rules: फ्लाइट यात्रियों को कुछ चीजों में बहुत समस्या का सामना करना पड़ता था, जैसे बुक टिकट में कुछ बदलाव करने या कैंसल करने के लिए उन्हें एक्स्ट्रा पैसे देने पड़ते थे. अब डीजीसीए ने कुछ नियमों के आधार पर हवाई टिकट पर कुछ संसोधन किया है. चलिए जानते क्या हैं वो नियम.
14 दिन के भीतर आ जाएगा रिफंड
डीजीसीए ने कहा, जब टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट के माध्यम से बुक किया जाता है और यात्री द्वारा बुकिंग के 24 घंटों के भीतर गलती बताई जाती है, तो एयरलाइन को उसी व्यक्ति के नाम पर सुधार के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेना चाहिए.’ आगे उन्होंने कहा, ‘ट्रैवल एजेंट/पोर्टल के माध्यम से टिकट खरीदने की स्थिति में, रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइंस की होगी क्योंकि एजेंट उनके नियुक्त प्रतिनिधि होते हैं. एयरलाइंस यह सुनिश्चित करेंगी कि रिफंड की प्रक्रिया 14 कार्य दिवसों के भीतर पूरी हो जाए.’ इसके साथ ही डीजीसीए ने कहा कि एयरलाइंस को सलाह दी जाती है कि वे टिकट बुक करने के बाद यात्रियों को 48 घंटे की अवधि के लिए ‘चेक-इन विकल्प’ प्रदान करें. इस अवधि के दौरान यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या संशोधित कर सकते हैं.
क्यों लिया गया ये फैसला?
ये नियम इसलिए बदले गए हैं क्योंकि यात्रियों की समय पर रिफंड न मिलने की शिकायतें बढ़ रही थीं. खासकर दिसंबर 2025 में इंडिगो की कई उड़ानें प्रभावित होने के बाद यह मुद्दा ज्यादा सामने आया. उड़ानों में व्यवधान के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो को तय समय सीमा के अंदर यात्रियों का रिफंड देने का निर्देश दिया था. दिसंबर 2025 में एयरलाइनों को यात्रियों से कुल 29,212 शिकायतें मिलीं, जिनमें से करीब 7.5% शिकायतें रिफंड से जुड़ी थीं. डीजीसीए के आंकड़ों के अनुसार, उसी महीने घरेलू एयरलाइनों ने 1.43 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को यात्रा कराई.
पहले क्या थे नियम?
पहले डीजीसीए के नियमों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था कि टिकट बुकिंग के बाद 48 घंटे तक मुफ्त में कैंसिल या बदलाव किया जा सके. एयरलाइंस अपनी-अपनी नीतियों के अनुसार टिकट रद्द करने या उसमें बदलाव करने पर यात्रियों से अलग-अलग तरह के कैंसिलेशन या संशोधन शुल्क वसूलती थीं.