NHAI New Rules 2026: 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही वाहन चालकों को यात्रा के लिए ज़्यादा खर्च करना पड़ेगा. इसके अलावा टोल प्लाज़ा पर नकद भुगतान पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा. अब से केवल ऑनलाइन भुगतान ही स्वीकार किए जाएँगे. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) टोल टैक्स की दरों में 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी लागू कर रहा है. जैसा कि हर साल होता है यह बढ़ोतरी थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आधार पर तय की गई है और 1 अप्रैल से सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाज़ा पर कैश पेमेंट की सुविधा पूरी तरह से बंद हो जाएगी.
वार्षिक पास की कीमतों में 75 रुपए तक की बढ़ोतरी
इस बीच FASTag के जरिए जारी किए जाने वाले वार्षिक पास की कीमत में भी लगभग 75 रुपए की बढ़ोतरी की गई है. NHAI के अनुसार, टोल की दरें सड़क की लंबाई और उस पर उपलब्ध सुविधाओं, जैसे कि फ्लाईओवर, अंडरपास, सुरंग आदि जैसे कारकों के आधार पर तय की जाती हैं. बेहतर बुनियादी ढाँचे वाले क्षेत्रों में टोल की दरें आमतौर पर ज़्यादा होती हैं. 1 अप्रैल से प्रभावी, कारों के लिए जारी किए जाने वाले वार्षिक टोल पास की कीमत 3,000 रुपए से बढ़ाकर 3,075 रुपए कर दी गई है. इस पास के उपयोग की सीमा 200 टोल क्रॉसिंग तक निर्धारित है.
सरकार कैश पेमेंट क्यों बंद करना चाहती है?
1 अप्रैल से सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाज़ा पर कैश पेमेंट की सुविधा पूरी तरह से बंद हो जाएगी. सरकार नेशनल हाईवे पर टोल कलेक्शन के पूरे सिस्टम को डिजिटाइज़ करने के मकसद से यह बड़ा फ़ैसला लेना चाहती है. इस बदलाव के बाद, टोल प्लाज़ा पर पेमेंट सिर्फ़ FASTag या UPI जैसे डिजिटल तरीकों से ही हो पाएगा. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का कहना है कि इस प्रस्तावित कदम का मकसद टोल प्लाज़ा पर कामकाज को ज़्यादा असरदार और पारदर्शी बनाना है. इससे न सिर्फ़ टोल बूथ पर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी बल्कि देश भर में 1,150 से ज़्यादा टोल प्लाज़ा पर यात्रियों का समय भी बचेगा.
यात्रियों के लिए सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है
परियोजना निदेशक (पीडी), एनएचएआई अमृत लाल साहू ने कहा, ‘1 अप्रैल से, टोल शुल्क में औसतन 5 रुपए की बढ़ोतरी होगी. विशेष रूप से कारों के लिए 5 रुपए का अतिरिक्त शुल्क लगेगा जबकि अन्य श्रेणियों के वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं. हम विभिन्न टोल प्लाज़ा पर यात्रियों के लिए सुविधाओं का भी लगातार विस्तार कर रहे हैं.’