वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा है कि अब टैक्स भरने की समयसीमा को ‘स्टैगर’ (Staggered) किया जाएगा, यानी इसे अलग-अलग चरणों में बांटा जाएगा ताकि एक साथ बोझ न पड़े. साथ ही, अब आप एक छोटा सा शुल्क देकर अपनी इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) को बढ़ी हुई समयसीमा के भीतर दोबारा संशोधित (Revise) भी कर सकेंगे.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रस्ताव दिया है कि टैक्सपेयर्स अब 31 दिसंबर के बजाय 31 मार्च तक मामूली फीस के साथ अपने रिवाइज्ड इनकम टैक्स रिटर्न (ITRs) फाइल कर सकेंगे. उन्होंने लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में शिक्षा और मेडिकल खर्चों के लिए TCS दर को 5% से घटाकर 2% करने का भी प्रस्ताव दिया है. इसके अलावा, छोटे टैक्सपेयर्स के लिए फाइलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक नियम-आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया का सुझाव दिया गया है.
विदेशी संपत्ति के खुलासे के लिए विशेष योजना
सरकार उन लोगों को एक मौका दे रही है जिन्होंने अपनी विदेशी संपत्ति या आय की जानकारी नहीं दी थी. इसके मुख्य बिंदु ये हैं:
किसे फायदा होगा: यह योजना एक खास समूह के लिए है, जिसमें विदेश में पढ़ रहे छात्र भी शामिल हैं।
लिमिट क्या है: * जिन्होंने अब तक जानकारी नहीं दी है, उनके लिए 1 करोड़ रुपये तक की सीमा।
जिन्होंने पहले जानकारी दी थी, उनके लिए 5 करोड़ रुपये तक की संपत्ति मूल्य की सीमा।
समय: यह विदेशी संपत्ति के खुलासे के लिए 6 महीने की वन-टाइम (एक बार की) स्कीम होगी