Noida International Airport: गांव वालों के लिए हवाई जहाज से सफर करना आज भी एक दूर का सपना ही है, सच तो यह है कि हर कोई इंटरनेशनल ट्रिप पर जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पाता. हालाँकि उत्तर प्रदेश के एक किसान ने तो थाईलैंड जाने के लिए अपना खुद का प्राइवेट हेलीकॉप्टर ही खरीद लिया. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए उनकी जमीन अधिग्रहित की गई थी और बदले में उन्हें 15 करोड़ का मुआवज़ा मिला. यह दावा शिवम प्रजापति नाम के एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर ने किया.
किसान थाईलैंड के लिए रवाना
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया है कि जमीन अधिग्रहण के बाद मिले मुआवज़े ने कई स्थानीय लोगों की किस्मत पूरी तरह से बदल दी है. अब लोग इस पैसे का इस्तेमाल अपनी सभी पुरानी इच्छाओं को पूरा करने के लिए करना चाहते हैं. 26 साल के बनवारी बास ने बताया कि वह सरकार से मिले पैसों का इस्तेमाल अपने परिवार को हर खुशी देने के लिए करना चाहते हैं. शिवम ने दावा किया कि एक खास किसान जिसके पास काफी जमीन थी उसे मुआवज़े के तौर पर 15 करोड़ मिले, अब वह अगले महीने अपने दोस्तों के साथ थाईलैंड घूमने जाने का प्लान बना रहा है.
स्थानीय लोगों की ज़िंदगी बदल गई
शिवम प्रजापति एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर काम करते हैं. उनका कहना है कि जब से जेवर एयरपोर्ट प्रोजेक्ट शुरू हुआ है आस-पास के इलाकों में कंस्ट्रक्शन का काम काफी तेज़ी से बढ़ा है. नतीजतन उनकी अपनी कमाई में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. प्रजापति ने बताया कि वह भी अपने दोस्तों के साथ थाईलैंड घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं. एक और स्थानीय किसान ने बताया कि वह कंस्ट्रक्शन वर्करों को सेफ्टी हेलमेट और दूसरा सामान बेचकर अपना गुज़ारा करता है और अब वह हर महीने लगभग 60,000 रुपए कमा लेता है.
यह ध्यान देने वाली बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार 28 मार्च को दिल्ली-NCR इलाके के दूसरे सबसे बड़े एयरपोर्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. अपने शुरुआती चरण में इस एयरपोर्ट की क्षमता 12 मिलियन यात्रियों को संभालने की है. इस एयरपोर्ट के बनने से आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोगों की ज़िंदगी यकीनन बदल गई है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे बड़े ग्रीनफ़ील्ड प्रोजेक्ट्स में से एक है. पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत, इस प्रोजेक्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने लगभग 11,200 करोड़ के कुल निवेश के साथ विकसित किया है यह कंपनी स्विस कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है.