NXT Summit 2026: नई दिल्ली के भारत मंडपम में NXT समिट 2026 का आयोजन किया गया. जिसमें केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम 20वीं सदी के कानून से 21वीं सदी की समस्या का समाधान नहीं कर सकते हैं. हमें 21वीं सदी में जो नागरिक रहते हैं, उनको न्याय देना है. उनको गुड गवर्नेंस देना है और कानून हमारे 20वीं सदी के होंगे तो हम हमारे नागरिकों के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे.
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आईपीसी, सीआरपीसी, इंडियन एविडेंस एक्ट उनको बदला और खाली उनको ही नहीं बदला. 1633 ऐसे कानून थे जिनकी आवश्यकता नहीं थी. उनको भी समाप्त किया और मैं इस विषय पर यह कहना चाहता हूं कि अंग्रेजों को भारतीय नागरिकों को दंड देना था. इसलिए वह दंड संहिता ले आए. नरेंद्र मोदी जी को भारतीय नागरिकों को न्याय देना है. इसलिए वह न्याय संहिता ले आए. यह चेंज है और यही फर्क है.
कोर्ट के दस्तावेजों का हुआ डिजिटलाइजेशन
660 करोड़ पेज कोर्ट के दस्तावेजों का डिजिटलाइजेशन किया. जिससे वकीलों को स्टडी करने और रिसर्च करने में सुविधा होगी. जब हम स्वतंत्र नहीं थे, परतंत्र हो गए तो हमारे पर दूसरी एक न्याय व्यवस्था थोप दी गई. तो हमारी जो न्याय व्यवस्था थी जिसको हमने पंच परमेश्वर की न्याय व्यवस्था की वो हमारे से लुप्त होती गई तो हमने मैनुस्क्रिप्ट्स के माध्यम से भी उनको ढूंढा और उन सबका हम डिजिटलाइजेशन करा रहे हैं. जिनका लीगलेंस है. यह आने वाले समय में यह बहुत बड़ा क्रांतिकारी कदम है.
NXT Summit 2026 में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने की नमो शक्ति रथ की सराहना, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा ने शुरू की है ये पहल
कॉमर्शियल कोर्ट को किया मजबूत
अर्जुन राम मेघवाल ने इस मंच पर अपनी बात रखते हुए कहा कि हमने ऐसी सुविधा दी, जिसकी वजह से वकील आज ऑनलाइन भी कोर्ट के प्रोसिजर में हिस्सा ले सकते हैं. हमने ई-फाइलिंग की सुविधा दी. लीगल फील्ड में केंद्र की मोदी सरकार ने ईज ऑफ डुइंग करने का काम किया. लोगों को सहुलियत हो, इसके लिए कई कदम उठाए. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि चार ऐसे आर्बिट्रेशन सेंटर हैं जिनकी आप क्रेडिट कहिए कि पूरे इंटरनेशनल मार्केट में काफी अच्छी बनी हुई है. उसमें आपका सिंगापुर आर्बिट्रेशन का सेंटर है. इंटरनेशनल सेंटर आपका दुबई का है. हांगकांग का है. लंदन का है और नरेंद्र मोदी जी की यह इच्छा भी है कि हम भारत को आर्बिट्रेशन हब बनाएंगे.