Maa Tara tarini Temple: गंजाम जिले की अधिष्ठात्री देवी मां तारातारिणी मंदिर में सोमवार (9 फरवरी, 2026) को चार महीने के लंबे अंतराल के बाद मंदिर की दान बॉक्स खोली गई. यह प्रक्रिया मंदिर प्रबंधन समिति, जिला प्रशासन, पुलिस अधिकारियों और सेवायतों की संयुक्त उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई.
सुबह से ही मंदिर परिसर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, ताकि दान बॉक्स खोलने और दान की गणना के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो.
तहसीलदार के सामने खोला गया दान बॉक्स
सूत्रों के मुताबिक, पुरुषोत्तमपुर तहसीलदार विनोद कुमार बेहेरा के मंदिर का दायित्व संभालने के बाद पहली बार दान बॉक्स खोला गया है. निर्धारित समय पर दान बॉक्स खोले जाने के साथ ही उसमें से बड़ी मात्रा में नकद राशि के अलावा सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा भी मिले हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि मां तारातारिणी मंदिर में न केवल राज्य बल्कि देश-विदेश से भी श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार दान अर्पित करते हैं.
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छोटी सी चिट्ठी ने खींचा सबका ध्यान
दान बॉक्स से प्राप्त सामग्री के बीच एक छोटी सी चिट्ठी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया. यह पत्र एक छोटे बच्चे द्वारा मां तारातारिणी के नाम लिखा गया था. पत्र में बच्चे ने देवी से उसे सद्बुद्धि देने, उसके माता-पिता और भाई की रक्षा करने तथा अपने शत्रुओं को उससे दूर रखने की प्रार्थना की थी. मासूम शब्दों में लिखी यह चिट्ठी मंदिर में श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाती है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मां तारातारिणी मंदिर ओडिशा के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है, जहां सालभर लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. दान बॉक्स से प्राप्त दान न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है, बल्कि मंदिर के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाता है. इस बीच एक चिट्ठी ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है.