Odisha Medical College Fire: ओडिशा में सोमवार की सुबह बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई. जहां कटक के SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गई. यह अस्पताल ओडिशा के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक है. बताया जा रहा है कि आग यूनिट की पहली मंजिल पर लगी, जहां 23 मरीज़ों का इलाज चल रहा था.
इस पूरे मामले पर अधिकारियों का बयान भी सामने आया है. जिसमें उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि 5 अन्य मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
पीएम मोदी ने मृतकों और घायलों के लिए की अनुग्रह राशि की घोषणा
इस बीच, जानकारी सामने आ रही है कि कटक के SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के ट्रॉमा केयर ICU में आग लगने की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने PMNRF से हर मृतक के परिजनों के लिए ₹2 लाख और घायलों के लिए ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. इसको लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखा कि ओडिशा के कटक में एक अस्पताल में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है. जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.
इसके अलावा, उन्होंने आगे लिखा कि PMNRF की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी. घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे.
The mishap at a hospital in Cuttack, Odisha, is deeply painful. Condolences to those who have lost their loved ones. I pray for the speedy recovery of the injured.
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be…
— PMO India (@PMOIndia) March 16, 2026
मुख्यमंत्री ने भी की अनुग्रह राशि की घोषणा
इससे पहले ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आग की घटना की विभागीय/न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं. इसके अलावा, उन्होंने इस घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹25 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है. इसके अलावा, घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने अस्पताल जाकर इलाज करा रहे घायलों और उनके परिवार वालों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी और ढाढस बंधाया. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन को जरूरी दिशा-निर्देश दिए, ताकि आईसीयू से हटाए गए दूसरे मरीजों को भी सबसे अच्छा इलाज मिल सके.