Om Birla News: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्षी सांसदों ने लोकसभा महासचिव को नोटिस दिया है. जो नोटिस विपक्षी सांसदों ने लोकसभा महासचिव को दिया है. उसमें हर जगह 2026 की जगह 2025 लिखा गया है. इतनी बड़ी गलती सामने आने के बाद विपक्षी सांसदों की संवेदनशीलता सामने आ रही है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, ये पूरा मामला 2 फरवरी, 2026 से शुरू हुआ. जब राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया.
इसके बाद अगले ही दिन यानी 3 फरवरी, 2026 को विपक्ष के 8 सांसदों के वर्तमान सत्र तक के लिए लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया है.
ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्षी सांसदों ने दिया नोटिस
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्षी सांसदों द्वारा लोकसभा महासचिव को दिए गए प्रस्ताव को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव कहा जाएगा. कांग्रेस की लीडरशिप में विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए लोकसभा महासचिव को नोटिस दिया है. बजट सत्र के दूसरे सप्ताह में भी निचले सदन की कार्यवाही में रुकावट आई और रूलिंग पार्टी और विपक्ष के बीच बड़े मतभेदों की वजह से बीच का रास्ता नहीं निकल पाया.

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स्पीकर के खिलाफ विपक्षी सांसदों की शिकायतें
विपक्षी सांसदों को स्पीकर के खिलाफ कई शिकायतें हैं, जिसके चलते स्पीकर के ऑफिस में लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव दिया गया है. हालांकि, जानकारी सामने आ रही है कि इस मुद्दे पर विपक्ष में असहमति है और TMC ने मोशन पर साइन नहीं किए हैं.
गौरव गोगोई ने क्या कहा?
लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने कहा कि स्पीकर ओम बिरला को उनके पद से हटाने के लिए नो-कॉन्फिडेंस मोशन का नोटिस संविधान के आर्टिकल 94-C के तहत लोकसभा सेक्रेटरी जनरल को दिया गया था. बताया जा रहा है कि नोटिस पर कांग्रेस, DMK, RJD और समाजवादी पार्टी समेत लगभग 120 विपक्षी MPs के साइन हैं. हालांकि., सूत्रों के हवाले से टीएमसी सांसदों ने अभी तक नोटिस पर साइन नहीं किए हैं.
लोकसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे ओम बिरला
इस बीच जानकारी सामने आ रही है कि जब तक लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर फैसला नहीं हो जाता तब तक ओम बिरला संसद की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे. सामान्य तौर पर जिस दिन स्पीकर को हटाने वाले प्रस्ताव पर चर्चा होती है, उसी दिन स्पीकर सदन में नहीं जाता है. लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने फैसला लिया है कि वह तब तक सदन में नहीं जाएंगे, जब तक उनको हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो जाती या फैसला नहीं हो जाता.