No-Confidence Notice: विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को उनके ऑफिस से हटाने के लिए नो-कॉन्फिडेंस नोटिस दिया. लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई ने कहा कि स्पीकर को हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस संविधान के आर्टिकल 94-C के तहत लोकसभा सेक्रेटरी जनरल को दिया गया है.
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस DMK और समाजवादी पार्टी जैसी पार्टियों के करीब 120 सांसद ने बिरला को ऑफिस से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के नोटिस पर साइन किए हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के सासंद ने इससे मना कर दिया है.
TMC ने क्या कहा?
TMC के इस फैसले से संसद में स्ट्रैटेजी को लेकर विपक्षी खेमे में दरार का संकेत मिलता है. स्पीकर के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन पर कमेंट करते हुए TMC सासंद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी ने कांग्रेस से कहा था कि वह उनके खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाने से पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के सामने अपील करे.
उन्होंने कहा, “कल भी हमने साफ़ कर दिया था कि सभी TMC सासंद नो-कॉन्फिडेंस मोशन प्रस्ताव पर साइन करेंगे, लेकिन हमारा सुझाव था कि सासंद का सस्पेंशन, लीडर ऑफ अपोजिशन को बोलने की इजाज़त न देना, महिला सासंद पर झूठे आरोप लगाना और चेयर का पक्षपातपूर्ण तरीके से काम करना जैसे मुद्दे हमने कहा कि सबसे पहले, हमें स्पीकर को विरोध के तौर पर एक लेटर लिखना चाहिए और उस पर सभी विपक्षी सासंद के साइन होने चाहिए और हमें स्पीकर को 2-3 दिन का समय देना चाहिए. अगर स्पीकर इस पर कोई एक्शन नहीं लेते हैं, तो हमारे पास नो-कॉन्फिडेंस मोशन लाने की गुंजाइश हमेशा है, हमें कोई दिक्कत नहीं है.”
विपक्ष ने ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन क्यों पेश किया?
कांग्रेस सांसद के सी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं को निचले सदन में अपनी बात रखने की इजाज़त नहीं दी जा रही है, जबकि सरकारी पक्ष जो चाहे कह सकता है और विपक्षी सदस्यों के खिलाफ “बेइज़्ज़ती वाली बातें” भी कर सकता है. एक अनोखे घटनाक्रम में लोकसभा ने पिछले गुरुवार को विपक्षी सदस्यों की लगातार नारेबाजी के बीच प्रधानमंत्री के आम जवाब के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव पास कर दिया जो एक दिन पहले तय था.
पिछले गुरुवार को नाराज लोकसभा स्पीकर ने कहा कि उनके पास “पक्की जानकारी” है कि कई कांग्रेस सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट की ओर बढ़ सकते हैं और “कोई अचानक काम” कर सकते हैं, जिसके चलते उन्होंने उनसे राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देने के लिए सदन में न आने का अनुरोध किया था.