Padma Awards Selection Process: भारत सरकार अलग-अलग क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों के योगदान को सम्मान और पहचान देने के लिए नागरिक पुरस्कार देती है. भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न है. इसके बाद इसी क्रम में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री आते हैं. इन पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है.
धर्म, जाति, लिंग या सेक्स के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है. ये पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोहों में दिए जाते हैं.
भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों में क्या अंतर है? (What is the difference between the Bharat Ratna and Padma Awards?)
भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रतिष्ठा के घटते क्रम में भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री हैं. ये पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिए जाते हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान से देश का सम्मान बढ़ाया है. ये पुरस्कार कला, साहित्य, विज्ञान, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, उद्योग, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देते हैं.
भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है. वहीं अगर पद्म विभूषण की बात करें तो यह देश का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है. यह अवॉर्ड उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने किसी भी फील्ड में “बेहतरीन और खास” काम किया हो – ऐसा काम जो दुनिया के लिए एक मिसाल बने.
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पद्म भूषण भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है. यह “उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा” के लिए दिया जाता है। इसका मतलब है कि यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने फील्ड में काफी समय तक शानदार काम किया हो.
इसके बाद नंबर पद्म श्री का आता है जो देश का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है. यह उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में खास सेवा दी है. इसमें जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोग भी शामिल हैं. ग्रामीण विकास, लोक कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों को खास तौर पर सम्मानित किया जाता है.
कैसे होता है चयन? (How is the selection made?)
पद्म पुरस्कारों की नामांकन प्रक्रिया 15 मार्च से 31 जुलाई तक चलती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नामांकन केवल राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (Rashtriya Puraskar Portal) के माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं. इशके लिए कोई भी नागरिक किसी का भी नामांकन कर सकता है. स्वयं के लिए भी नामांकन की अनुमति है. नामांकन प्रक्रिया में महिलाओं, दिव्यांगों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और जमीनी स्तर पर निस्वार्थ सेवा करने वाले व्यक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है.
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इसके बाद, सभी नामांकनों की जांच गृह मंत्रालय के तहत गठित चयन समिति करती है. इसके बाद चयनित नाम को केंद्र सरकार के पास भेजा जाता है. अंतिम रूप से चुने गए लोगों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में सम्मानित किया जाता है. यह अलंकरण समारोह आमतौर पर मार्च या अप्रैल में होता है. पद्म पुरस्कार उन लोगों को पहचान देते हैं, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से देश और समाज की सेवा की है और यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता है.