Palghar Gas Leak News: महाराष्ट्र के पालघर से एक बड़ी घटना सामने आई है. जिले के एक इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित केमिकल यूनिट से सोमवार को ओलियम (फ्यूमिंग सल्फ्यूरिक एसिड) गैस का रिसाव हुआ, जिससे अफरा-तफरी मच गई. रिसाव के बाद इलाके से 2600 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जिसमें लगभग 1600 स्कूली छात्र हैं. इनमें से तीन लोगों को आंखों में मामूली जलन की शिकायत मिली है, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. जानकारी के मुताबिक बोइसर के तारापुर एमआईडीसी क्षेत्र में स्थित यूनिट के पांच किलोमीटर के दायरे में ओलियम गैस का रिसाव हुआ, जिसके चलते एहतियात के तौर पर लोगों को वहां से निकाला गया. जानकारी के अनुसार करीब दो बजे भगेरिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड की यूनिट में हुए रिसाव से सफेद धुएं का एक घना बादल बन गया, जो हवा की गति के कारण तेजी से फैल गया. इसकी वजह से इंडस्ट्रियल एरिया में रहने वाले लोगों और मजदूरों के बीच दहशत फैल गई. फिलहला गैस रिसाव के कारणों का पता नहीं चल पाया है. 2,500 लीटर क्षमता वाले ओलियम डे टैंक से हुआ रिसाव पालघर जिले की कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि आपदा प्रबंधन योजना को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है. वहीं प्रशासन की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया- 'यह रिसाव 2,500 लीटर क्षमता वाले ओलियम डे टैंक से हुआ. हवा की दिशा के कारण धुआं आसपास के इलाकों में फैल गया, जिससे लगभग पांच किलोमीटर के दायरे पर असर पड़ा.' ओलियम गैस के रिसाव के बाद प्रशासन ने स्थानीय स्कूल तारापुर विद्यामंदिर से 1,600 छात्रों को तुरंत निकालने का आदेश दिया. इसके अलावा भागेरिया इंडस्ट्रीज और आसपास की कंपनियों के 1,000 से अधिक मजदूरों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. गैस के संपर्क में आने वाले लोगों को हो रही ये दिक्कत आंखें लाल हो जा रही हैं और तेज जलन हो रही है. गले में खराश, सूखापन और सांस लेने में दिक्कत हो रही है. सीने में जलन, मितली और घबराहट जैसा महसूस हो रहा है. NDRF की टीम को भी मुश्किलों का करना पड़ा सामना दूसरे तरफ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) और अग्निशमन दल की टीमों को शुरू में उस यूनिट तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जहां गैस रिसाव हुआ था. प्रभावित क्षेत्रों में धुएं की हाई कंसंट्रेशन के कारण बचाव दल को रिसाव के स्थान तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था.” इसके बाद एनडीआरएफ और सायनिक विशेषज्ञों की टीम ने स्रोत का पता लगाया और सेल्फ-कंटेन्ड ब्रीदिंग अपेरटस का उपयोग करते हुए परिसर में प्रवेश किया. साथ ही धुएं को कंट्रोल करने के लिए रिसाव वाले टैंक के चारों ओर रेत की बोरियां लगा दी हैं. प्रशासन ने लोगों से की ये अपील फिलहाल प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे घबराएं नहीं, क्योंकि अधिकारी स्थिति से निपटने के लिए हर संभव उपाय कर रहे थे. साथ ही लोगों से घर के अंदर रहने और प्रशासन की ओर से दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की. इसके अलावा प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर विश्वास नहीं करने की बात कही है. गैस के संपर्क में आने से बचने के लिए करें ये काम घर में रहें और दरवाज़े-खिड़कियां बंद रखें. घर से बाहर न निकलें. सांस लेने में दिक्कत हो, तो गीला कपड़ा या रूमाल मुंह और नाक पर रखकर सुरक्षित जगह पर जाएं.