Pawan Khera Controversy: असम विधानसभा चुनाव के प्रचार का आज अंतिम दिन था. प्रचार के अंतिम दो दिनों में कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच जमकर बयानबाजी हुई. इसका मुख्य केंद्र राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ-साथ प्रवक्ता पवन खेड़ा थे. इस दौरान विवाद तब बढ़ा था, जब पवन खेड़ा ने हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर कई बड़े आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि रिनिकी भुइयां सरमा के पास यूएई, मिस्र, एंटीगुआ और बारबुडा जैसे देशों के कई विदेशी पासपोर्ट हैं.
साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिनिकी की स्वामित्व वाली एक कंपनी का बजट 3,467 करोड़ अमेरिकी डॉलर है और दावा किया कि वह अमेरिका में होटल खोलने की योजना बना रही हैं. इन आरोपों के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया.
हिमंत बिस्वा सरमा और रिनिकी भुइयां सरमा ने क्या कहा?
इन आरोपों का जवाब हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने भी दिया. सीएम हिमंत सरमा ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया और कहा कि इस मामले में उनकी पत्नी ने एफआईआर दर्ज करवाई है.
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “पवन खेड़ा और गौरव गोगोई ने दो प्रेस कॉन्फ्रेंस की, एक दिल्ली में और एक गुवाहाटी में. जब आप किसी चुनाव के नतीजे या आउटकम को प्रभावित करने के लिए इन आरोपों का इस्तेमाल फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ करते हैं, तो उस पर ज्यादा सजा का प्रोविज़न लगता है और उसकी सजा उम्रकैद है.”
असम पुलिस ने पवन खेड़ा के आवास पर तलाशी
इस बीच असम पुलिस की एक टीम मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आवास पर पूछताछ के लिए पहुंची. पुलिस टीम ने यहां पहुंचने पर औपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस की एक टीम भी जांच में शामिल हो गई.
इसके बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि उनपर और उनके परिवार पर आरोप लगाने से जुड़े मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा राज्य पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती देने के बाद हैदराबाद भाग गए’ हैं.
पवन खेड़ा के घर से पुलिस ने क्या जब्त किए?
वहीं असम पुलिस के डीसीपी देबोजित नाथ ने कांग्रेस नेता के आवास के बाहर संवाददाताओं से कहा कि खेड़ा अपने आवास पर नहीं मिले. उन्होंने कहा हालांकि आवास की तलाशी ली गई और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं. फिलहाल इस मामले में पवन खेड़ा की तलाश जारी है.
बता दें कि इससे पहले भी हिमंत बिस्वा सरमा और पवन खेड़ा के बीच बयानबाजी हो चुकी है. कुछ दिनों पहले हिमंत बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए राज्य में उग्रवादी संगठनों से संपर्क करने का प्रयास किया. उन्होंने दावा किया कि उनके खिलाफ कई मामले पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं.
पवन खेड़ा का आखिरी भाषण असम की किसी जेल में होगा- सरमा
मुख्यमंत्री ने चुनाव के बाद कांग्रेस नेता के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई का भी संकेत दिया था. साथ ही उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है पवन खेड़ा का आखिरी भाषण असम की किसी जेल में होगा. असम में एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोटिंग होगी.