PM Modi Pongal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर पोंगल त्योहार के सेलिब्रेशन में हिस्सा लिया.इसके साथ ही उन्होंने गौ सेवा भी की. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोंगल का त्योहार हमें प्रेरणा देता है कि हम प्रकृति के प्रति अपना आभार सिर्फ़ शब्दों तक सीमित न रखें. हमें इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए. जब धरती हमें इतना कुछ देती है, तो इसे संजोकर रखना हमारी ज़िम्मेदारी है. मिट्टी को स्वस्थ रखना, पानी बचाना और संसाधनों का समझदारी से इस्तेमाल करना अगली पीढ़ी के लिए सबसे ज़रूरी है.
PM मोदी ने कहा कि दुनिया की लगभग हर सभ्यता में फसलों से जुड़ा कोई न कोई त्योहार मनाया जाता है. तमिल संस्कृति में किसानों को जीवन का आधार माना जाता है. थिरुक्कुरल ने खेती और किसानों पर बहुत कुछ लिखा है. हमारे किसान देश बनाने में मज़बूत पार्टनर हैं.
#WATCH दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के आवास पर पोंगल त्योहार के सेलिब्रेशन में हिस्सा लिया।
(सोर्स: डीडी न्यूज़) pic.twitter.com/ZScFbju8iz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 14, 2026
पोंगल एक वैश्विक त्योहार बन चुका है-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘आज पोंगल एक वैश्विक त्योहार बन चुका है. दुनियाभर में तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति से प्रेम करने वाले लोग इसे उत्साह के साथ मनाते हैं.उसमें एक मैं भी हूं. इस विशेष पर्व को आप सभी के साथ मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है. हमारे तमिल जीवन में पोंगल एक सुखद अनुभूति की तरह है. इसमें अन्नदाता की मेहनत धरती और सूर्य के प्रति आभार का भाव है. ये पर्व हमें प्रकृति परिवार और समाज में संतुलन बनाने का रास्ता दिखाता है.’
Pongal celebrates the vibrant Tamil culture and our bond with nature. May the festival bring prosperity and happiness to everyone’s life. Addressing a programme in Delhi.
https://t.co/NwwT3DHnp1— Narendra Modi (@narendramodi) January 14, 2026
तमिल संस्कृति को लेकर कही ये बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा ‘मेरे लिए पिछले एक साल में तमिल संस्कृति से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेना सच में एक बहुत ही सुखद अनुभव रहा है. तमिलनाडु में मुझे 1,000 साल पुराने गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में प्रार्थना करने का सौभाग्य मिला. वाराणसी में काशी तमिल संगमम के दौरान, मैं जुड़ा रहा. जब मैं पंबन ब्रिज का उद्घाटन करने रामेश्वरम गया, तो मैंने एक बार फिर तमिल विरासत की समृद्धि और महानता को देखा.’