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Nari Shakti Vandan Sammelan: नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में बोले पीएम मोदी, ‘भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय लेने जा रहा’

Nari Shakti Vandan Sammelan: दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए. यहां महिलाओं को संबोधित भी किया. जानिए कार्यक्रम से जुड़ी सभी बातें.

Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: 2026-04-13 12:41:35

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को सुबह करीब 11 बजे नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन‘ में भाग लिया. इस अवसर पर उन्होंने सभा को संबोधित भी किया. प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय स्तर के इस महिला सम्मेलन में कहा कि देश संसद में एक नया इतिहास रचने के करीब है. पीएम ने कहा कि यह 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है. यह निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है. नारी शक्ति वंदन को समर्पित. यह सम्मेलन संसद के उस सत्र से पहले आयोजित किया जा रहा है, जिसमें महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधनों को विचार और पारित करने के लिए पेश किए जाने की उम्मीद है.

पीएम मोदी ने संबोधन में क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में अपने संबोधन में कहा कि इस समय पूरे देश में बैसाखी का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कल देश के अलग-अलग हिस्सों में नववर्ष भी मनाया जाएगा. साथ ही, उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय लेने जा रहा है. और ये निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है. पीएम ने अपने संबोधन के दौरान ये बातें भी कहीं..

1. 3 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. 
2. आज महिलाएं हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर रही हैं. 
3. देश महिलाओं के सपने को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.

हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब

पीएम ने कहा, ‘एक ऐसा नया इतिहास, जो अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा, जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतामूलक हो, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य संस्कृति का, हमारी निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो.’

हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा 

प्रधानमंत्री ने आगे कहा- राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय 16, 17, 18 अप्रैल है.2023 में नई संसद में हमने नारीशक्ति वंदन अधिनियम के रूप प्रथम कदम उठाया था. वह समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे. इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम. इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है.

राजनीति से लेकर सामाजिक जीवन में हो रही सक्रिय

लाखों महिलाओं की राजनीति और सामाजिक जीवन में ये सक्रियता, दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं और राजनीति के विशेषज्ञों के लिए भी बहुत ही हैरान करने वाली बात होती है. इससे भारत का गौरव बहुत बढ़ता है.अनेक अध्ययनों में ये सामने आया है कि जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी, तो इससे व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आई है.’

आज महिलाएं हर क्षेत्र में लीड कर रही हैं

आगे संबोधन में कहा- 2014 में हमारे देश में करोड़ों महिलाएं ऐसी थी, जिन्होंने कभी बैंक का दरवाजा भी नहीं देखा था.महिलाएं बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी ही नहीं थी, तो उन्हें बैंकिंग का लाभ कैसे मिलता. हमने जनधन योजना शुरू की, तो देश की 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते खुले.आज हमारी बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं. मुद्रा योजना में 60% से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिए हैं. देश के startup revolution को भी महिलाएं lead कर रही हैं. आज 42% से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है.

सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने अभिभाषण में कहा, ‘भारत की महिलाओं ने अपने ही देश में सम्मान व समान अधिकार पाने के लिए संघर्ष की एक लंबी यात्रा देखी है. भ्रूण हत्या, सती प्रथा, बाल विवाह, अशिक्षा, विधवा होने पर दोबारा विवाह की अनुमति से लेकर पर्दा प्रथा में किस प्रकार से भारत की बेटियों ने बेटी बचाव से लेकर ये सफर शुरू किया और अगला युग बेटियों को पढ़ाने का आया हम बेटी पढ़ाओं के युग में गए. आज हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बेटी बढ़ाओं के युग में प्रवेश कर चुके हैं.’

सम्मेलन के बारे में जानकारी

PMO के अनुसार, इस’नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में शिक्षा, विज्ञान, खेल, बिजने, मीडिया, समाज सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधि एक साथ इकट्ठा होंगे. साथ ही आपको बता दें कि सितंबर 2023 में, संसद ने इस ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पारित किया था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें रिजर्व करने का प्रावधान है.

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Written By: Kamesh Dwivedi
Last Updated: 2026-04-13 12:41:35

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को सुबह करीब 11 बजे नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन‘ में भाग लिया. इस अवसर पर उन्होंने सभा को संबोधित भी किया. प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण बिल का जिक्र करते हुए राष्ट्रीय स्तर के इस महिला सम्मेलन में कहा कि देश संसद में एक नया इतिहास रचने के करीब है. पीएम ने कहा कि यह 21वीं सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है. यह निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है. नारी शक्ति वंदन को समर्पित. यह सम्मेलन संसद के उस सत्र से पहले आयोजित किया जा रहा है, जिसमें महिला आरक्षण कानून में प्रस्तावित संशोधनों को विचार और पारित करने के लिए पेश किए जाने की उम्मीद है.

पीएम मोदी ने संबोधन में क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में अपने संबोधन में कहा कि इस समय पूरे देश में बैसाखी का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि कल देश के अलग-अलग हिस्सों में नववर्ष भी मनाया जाएगा. साथ ही, उन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की. इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत 21वीं सदी का सबसे बड़ा निर्णय लेने जा रहा है. और ये निर्णय नारी शक्ति को समर्पित है. पीएम ने अपने संबोधन के दौरान ये बातें भी कहीं..

1. 3 करोड़ से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं. 
2. आज महिलाएं हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर रही हैं. 
3. देश महिलाओं के सपने को साकार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है.

हमारे देश की संसद एक नया इतिहास रचने के करीब

पीएम ने कहा, ‘एक ऐसा नया इतिहास, जो अतीत की संकल्पनाओं को साकार करेगा, जो भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा. एक ऐसे भारत का संकल्प जो समतामूलक हो, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा न हो, बल्कि हमारी कार्य संस्कृति का, हमारी निर्णय प्रक्रिया का स्वाभाविक हिस्सा हो.’

हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा 

प्रधानमंत्री ने आगे कहा- राज्यों की विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों की प्रतीक्षा के अंत का समय 16, 17, 18 अप्रैल है.2023 में नई संसद में हमने नारीशक्ति वंदन अधिनियम के रूप प्रथम कदम उठाया था. वह समय से लागू हो सके, महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूती दे. इसके लिए 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन होने जा रहा है और उससे पहले आज नारीशक्ति वंदन का ये कार्यक्रम. इसके जरिए हमें देश की कोटि-कोटि माताओं बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है.

राजनीति से लेकर सामाजिक जीवन में हो रही सक्रिय

लाखों महिलाओं की राजनीति और सामाजिक जीवन में ये सक्रियता, दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं और राजनीति के विशेषज्ञों के लिए भी बहुत ही हैरान करने वाली बात होती है. इससे भारत का गौरव बहुत बढ़ता है.अनेक अध्ययनों में ये सामने आया है कि जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी, तो इससे व्यवस्थाओं में भी संवेदनशीलता आई है.’

आज महिलाएं हर क्षेत्र में लीड कर रही हैं

आगे संबोधन में कहा- 2014 में हमारे देश में करोड़ों महिलाएं ऐसी थी, जिन्होंने कभी बैंक का दरवाजा भी नहीं देखा था.महिलाएं बैंकिंग सेक्टर से जुड़ी ही नहीं थी, तो उन्हें बैंकिंग का लाभ कैसे मिलता. हमने जनधन योजना शुरू की, तो देश की 32 करोड़ से ज्यादा महिलाओं के बैंक खाते खुले.आज हमारी बेटियां नए-नए बिजनेस में अपनी पहचान बना रही हैं. मुद्रा योजना में 60% से ज्यादा लोन महिलाओं ने लिए हैं. देश के startup revolution को भी महिलाएं lead कर रही हैं. आज 42% से ज्यादा रजिस्टर्ड स्टार्टअप्स में कम से कम एक महिला डायरेक्टर है.

सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने अभिभाषण में कहा, ‘भारत की महिलाओं ने अपने ही देश में सम्मान व समान अधिकार पाने के लिए संघर्ष की एक लंबी यात्रा देखी है. भ्रूण हत्या, सती प्रथा, बाल विवाह, अशिक्षा, विधवा होने पर दोबारा विवाह की अनुमति से लेकर पर्दा प्रथा में किस प्रकार से भारत की बेटियों ने बेटी बचाव से लेकर ये सफर शुरू किया और अगला युग बेटियों को पढ़ाने का आया हम बेटी पढ़ाओं के युग में गए. आज हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बेटी बढ़ाओं के युग में प्रवेश कर चुके हैं.’

सम्मेलन के बारे में जानकारी

PMO के अनुसार, इस’नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में शिक्षा, विज्ञान, खेल, बिजने, मीडिया, समाज सेवा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों के प्रतिनिधि एक साथ इकट्ठा होंगे. साथ ही आपको बता दें कि सितंबर 2023 में, संसद ने इस ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को पारित किया था, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें रिजर्व करने का प्रावधान है.

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