Live
Search
Home > देश > पीएम मोदी ने की ‘भजन क्लबिंग’ की तारीफ, भारत में छाया Gen Z का आध्यात्मिक ट्रेंड

पीएम मोदी ने की ‘भजन क्लबिंग’ की तारीफ, भारत में छाया Gen Z का आध्यात्मिक ट्रेंड

Bhajan Clubbing: पीएम मोदी ने मन की बात के 130वें एपिसोड में भजन क्लाबिंग की तारीफ की. इस क्लाबिंग के नेतृत्व Gen Z कर रहे है, जिसपर पीएम ने Gen Z की सराहना की है.

Written By: Shristi S
Last Updated: January 26, 2026 15:37:18 IST

Mobile Ads 1x1
PM Modi Praise Bhajan Clubbing: Gen Z एक ऐसी जेनरेशन है, जिसने हर चीज को काफी तेजी से बढ़ते देखा है. अक्सर लोग समझते है कि Gen Z काफी जटिल होते है, लेकिन अगर हम कहे कि आध्यात्मिकता में नई जान फूंकने के लिए आप Gen Z पर भरोसा कर सकते है, तो थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा. इसका एक बेहतरीन उदाहरण है ‘भजन क्लबिंग’ का तेज़ी से बढ़ता चलन एक ऐसा कल्चरल ट्रेंड जो पुराने भक्ति भजनों और कीर्तनों को हाई-एनर्जी क्लब वाइब्स, इलेक्ट्रॉनिक बीट्स, लेजर लाइट्स और कॉन्सर्ट-लेवल प्रोडक्शन के साथ मिलाता है. यह आपके दादा-दादी के शांत मंदिर सेशन जैसा नहीं है, बल्कि इसमें युवाओं की भीड़ हनुमान चालीसा, अच्युतम केशवम, या राधे कृष्ण मंत्रों के रीमिक्स वर्जन पर जोश में नाचती है, जिसे ज़ोरदार बेस ड्रॉप्स, लाइव गिटार और भक्ति फ्यूजन ट्रैक बजाने वाले DJ और भी शानदार बनाते हैं.

पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में इस ट्रेंड पर बात की

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड में इस बढ़ते ट्रेंड पर बात की, और ‘भजन-क्लबिंग’ की तारीफ की कि यह आध्यात्मिकता को आधुनिकता के साथ कैसे जोड़ता है, साथ ही भजनों की पवित्रता को भी बनाए रखता है. उनके समर्थन से इसकी चर्चा और बढ़ गई, और इवेंट के टिकट पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से बिक गए.

 Gen Z आध्यात्मिक आंदोलन

मुख्य रूप से Gen Z के नेतृत्व में, यह आंदोलन शराब या धूम्रपान जैसे आम नाइटलाइफ़ तत्वों के बिना “सोबर हाई”, माइंडफुलनेस और कम्युनिटी पर फोकस करता है. यह ट्रेंड 2024-2025 के आसपास से बहुत पॉपुलर हुआ है, और पारंपरिक नाइटलाइफ के सार्थक विकल्पों की तलाश कर रहे युवा भारतीयों और यहां तक कि मिलेनियल्स के बीच भी इसे जबरदस्त लोकप्रियता मिली है. यह घटनाक्रम कृष्ण, हनुमान, या शिव जैसे देवताओं को समर्पित भजन, कीर्तन और मंत्रों जैसे पारंपरिक भक्ति संगीत को हाई-एनर्जी इलेक्ट्रॉनिक बीट्स, टेक्नो रिदम, EDM ड्रॉप्स, लाइव गिटार और क्लब जैसे प्रोडक्शन के साथ मिलाकर नया रूप देता है. कोरोना महामारी के बाद सतही पार्टियों से थकान, बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, और कम्युनिटी की इच्छा ने इसकी लोकप्रियता को बढ़ाया है.

महामारी के बाद ट्रेंड इतना पॉपुलर क्यों हो रहा है?

इवेंट का माहौल नियॉन विज़ुअल्स, सिंक्रोनाइज़्ड लाइट्स के साथ एक पूरे रेव या म्यूज़िक फेस्टिवल जैसा होता है. इंटरनेट पर वायरल वीडियो में भरी हुई भीड़ एक साथ नाचते हुए दिख रही है, जो साबित करता है कि प्राचीन भक्ति डांस फ्लोर पर भी फल-फूल सकती है। कई कारण इसके तेज़ी से बढ़ते चलन को समझाते हैं. महामारी के बाद, कई युवा भारतीयों ने पारंपरिक नाइटलाइफ के बजाय कुछ सार्थक विकल्प तलाशे, जिसमें अक्सर शराब, देर रात और सतही रिश्ते शामिल होते थे. भजन क्लबिंग एक “सोबर हाई” देता है – यह नशीले पदार्थों के बजाय मंत्रों का जाप, डांस और साझा भक्ति से मिलने वाली एक आनंददायक, सामूहिक ऊर्जा है. कई प्रतिभागी इसे थेरेपी जैसा भी बताते हैं – बार-बार दोहराए जाने वाले मंत्र और धड़कते संगीत मिलकर एक समाधि जैसी स्थिति बनाते हैं, जिससे माइंडफुलनेस और भावनात्मक मुक्ति मिलती है.

इसका फॉर्मेट बहुत लचीला और सबको साथ लेकर चलने वाला है. इवेंट छोटे कैफे जैम सेशन से लेकर बड़े-बड़े जगहों तक होते हैं, जहां नियॉन लाइट्स, लेज़र शो और प्रोफेशनल डीजे या बैंड हनुमान चालीसा, अच्युतम केशवं या सूफी से प्रेरित कव्वालियों जैसे क्लासिक्स को रीमिक्स करते हैं.

MORE NEWS