NXT Summit 2026: 12 मार्च का दिन भारतीय इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है. आज से करीब 100 साल पहले महात्मा गांधी ने दांडी यात्रा शुरू की थी, जिसने देश को आजादी के लक्ष्य से जोड़ा था. आज उसी ऐतिहासिक तारीख पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘NXT समिट 2026’ के मंच से एक नई यात्रा का आह्वान किया है, ‘विकसित भारत’ की यात्रा. इस भाषण में एलपीजी की शॉर्टेज वाली अफवाह पर बोलते हुए PM मोदी ने यह साफ़ कर दिया कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं हुई है. आइये जानते हैं PM मोदी ने क्या कहा?
LPG के शॉर्टेज की अफवाह पर क्या बोले PM?
PM मोदी ने एलपीजी शॉर्टेज की अफवाहों पर कहा ‘कुछ लोग हैं जो पैनिक क्रिएट करने का प्रयास कर रहे हैं. एजेंडा चलाना चाह रहे हैं. मैं कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि वो ऐसा करके जनता के समक्ष खुद तो एक्सपोज कर रहे हैं साथ ही देश का भी नुकसान कर रहे हैं. PM मोदी ने यह भी कहा कि युद्ध जैसे वैश्विक संकट से कोई अछूता नहीं है कम या ज्यादा हर कोई प्रभावित है लेकिन बीते दिनों दुनिया के कई शीर्ष नेताओं से हमारी बात हुई है. सप्लाई चेन में जो दिक्कतें आई हैं उससे पार पाने के लिए हम निरन्तर कोशिश कर रहे हैं.
कालाबाजारी की मॉनिटरिंग की जाए
PM मोदी ने राज्य सरकार से अपील की है कि आप मॉनिटरिंग कीजिये की कालाबाजारी ना हो. अगर कहीं हो रही है तो इसकी गंभीरता से जांच हो. PM मोदी ने जोर देते हुए कहा ‘सरकार हर हाल में चाहती है कि युद्ध से बनी परिस्थितियों का बोझ भारत की नागरिक पर ना पड़े.’
33 करोड़ से ज्यादा LPG कनेक्शन
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने आंकड़ों के जरिए बताया कि कैसे एक दशक में देश की रसोई की सूरत बदल गई है. उन्होंने कहा साल 2014 तक देश में महज 14 करोड़ LPG कनेक्शन थे, लेकिन आज यह आंकड़ा दोगुने से भी ज्यादा बढ़कर 33 करोड़ पार कर गया है. पीएम ने कहा कि संकट के समय में हमें विदेशों पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए देश में LNG टर्मिनल्स की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है.
संकट में भारत बना दुनिया की उम्मीद
दुनिया के कई हिस्सों में चल रहे युद्ध और चरमराती सप्लाई चेन के बीच पीएम मोदी ने भारत को एक शांत और धैर्यवान शक्ति के रूप में पेश किया है. उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति एलेक्जेंडर स्टब के उस बयान को दोहराया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘अब ग्लोबल साउथ की दिशा भारत तय करेगा’
जन-भागीदारी ही असली ताकत
कोविड-19 और मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने मीडिया, राजनीतिक दलों और युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की अपील की. उन्होंने जोर दिया कि जब पूरा देश मिलकर काम करता है, तो संकटों से उबरने की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है.