Ammonia Leakage In Prayagraj: प्रयागराज के फाफामऊ के चांदपुर में सोमवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया. बताया जा रहा है कि, हादसे में 4 मजूदरों की मौत हो गई है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अमोनिया (Ammonia) क्या है? कहां होता है इसका उपयोग? इससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं? इसके रिसाव के बाद क्या उपाय करने चाहिए? आइए जानते हैं इस बारे में-
Ammonia Leakage In Prayagraj: प्रयागराज के फाफामऊ के चांदपुर में सोमवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया. यहां अमोनिया गैस से भरे टैंक के फटने से कोल्ड स्टोरेज की छत गिर गई. छज्जा गिरने के बाद अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया. बताया जा रहा है कि, हादसे में 4 मजूदरों की मौत हो गई है. वहीं, 16 लोग घायल होने की सूचना है. बता दें कि, अमोनिया रिसाव की यह पहली घटना नहीं है. इसके अलावा भी देश में इस साल काफी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं. ऐसे में बचाव करना बेहद जरूरी है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अमोनिया (Ammonia) क्या है? कहां होता है इसका उपयोग? इससे क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं? इसके रिसाव के बाद क्या उपाय करने चाहिए? आइए जानते हैं इस बारे में-
अमोनिया तीखी गंध वाली रंगहीन और हल्की गैस होती है. बता दें कि, पानी में घुली अमोनिया को लिकर अमोनिया कहा जाता है. अमोनिया के व्यापक उपयोग हैं. इसका सबसे ज्यादा उपयोग रासायनिक खादों के निर्माण के लिए किया जाता है. इसमें यूरिया, अमोनियम सल्फेट, अमोनियम फॉस्फेट, अमोनियम नाइट्रेट और सोडियम कार्बोनेट आदि प्रमुख है. इसके अलावा इसे बर्फ बनाने के कारखाने में ठंडा करने वाले पदार्थ के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता है. इसके अलावा, घरेलू उपयोग में इसका इस्तेमाल कपड़ों में तेल-ग्रीस आदि के दाग छुटाने के लिए किया जाता है.
खाद बनाने में अमोनिया का सबसे ज्यादा उपयोग होता है. दुनिया का 80 प्रतिशत अमोनिया खाद के निर्माण में ही लग जाता है. इसमें भी सबसे ज्यादा उपयोग यूरिया के निर्माण में होता है. बड़े पैमान पर उत्पादन के लिए यूरिया अमोनिया और द्रव्य कार्बनडाइऑक्साइड की प्रतिक्रिया से बनाया जाता है. यही प्रक्रिया फूलपुर की यूरिया उत्पादन यूनिट में उपयोग में लाया जाता है.यूरिया कार्बनिक यौगिक है जो एक रंगहीन, गंधहीन, सफेद, रवेदार जहरीला ठोस पदार्थ होता है. यह भी अमोनिया की तरह पानी में जल्दी से घुलता है और कृषि भूमि की उर्वरता में बहुत इजाफा करने वाला माना जाता है.
सामान्य तौर पर अमोनिया नुकसानदायक नहीं होती है, लेकिन अधिक मात्रा में अमोनिया सूंघने पर जान तक जा सकती है. हवा में अमोनिया की अधिक मात्रा में मौजूदगी घुटन का एहसास देने के साथ ही नाक, गले और श्वास नली के जलने का कारण बन जाती है. लगातार इसके संपर्क में रहने पर यह त्वचा में जलन, आंख में स्थायी क्षति या अंधापन जैसी समस्याओं का कारण भी बन जाती है.
अमोनिया के संपर्क में आने पर सलाह दी जाती है कि आंख और चेहरे को काफी मात्रा में पानी से धोना चाहिए. अमोनिया पानी में तेजी से घलने वाला पदार्थ है इसलिए इसे चेहरे से धोने से यह घुलकर शरीर से अलग हो जाता है और प्रतिक्रिया कम देता है.
दुनिया के कई बड़े देश भी अमोनिया का उत्पादन और उसका कच्चे माल की तरह अन्य उत्पादनों के लिए उपयोग बड़े पैमाने पर करते हैं. दुनिया में सबसे ज्यादा अमोनिया का उत्पादन चीन करता है उसके बाद भारत का स्थान आता है. इसके अलावा यूरोप और अमेरिका भी काफी तादात में अमोनिया का उत्पादन करते हैं.
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