राष्ट्रापति द्रौपदी मुर्मू ने किया संबोधन
संविधान ने महिलाओं की ताकत को भी मज़बूत किया- राष्ट्रापति मुर्मू
चीफ जस्टिस सूर्यकांत का संबोधन
भूटान, श्रीलंका, केन्या, मॉरिशस और मलेशिया के सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस भी इस सेरेमनी में शामिल हुए. इस दौरान CJI सूर्यकांत ने भी अपने संबोधन में कहा कि संविधान ने भारत को एक नए देश से ग्लोबल इकॉनमी में एक कॉम्पिटिटिव देश में बदल दिया. 76 सालों से, संविधान देश के लिए एक स्थिर करने वाली ताकत रहा है जिससे “न रुकने वाला बदलाव” और “न रुकने वाला विकास” पक्का होता है. ज्यूडिशियरी ने हमेशा बदलते हालात के हिसाब से संविधान का मतलब निकाला है, जिससे वह मज़बूत और रेलिवेंट बना रहा है. ज्यूडिशियरी हमेशा संविधान की “सतर्क रखवाली करने वाली” रही है, जो इसके मूल्यों और मकसद की रक्षा करती है.