प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मलेशिया की अपनी दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए. इस यात्रा के दौरान वे अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम से मुलाकात करेंगे जहां दोनों पक्षों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, निवेश, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से चर्चा होगी. बता दें कि उनकी यह यात्रा 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम के साथ ही हो रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है. यह दो दिवसीय यात्रा रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर केंद्रित है.
यात्रा का उद्देश्य
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रस्थान से पहले कहा कि भारत मलेशिया के साथ रक्षा एवं सुरक्षा संबंधों को गहरा करने, आर्थिक एवं नवाचार साझेदारी को बढ़ाने तथा नए क्षेत्रों में सहयोग विस्तार करने का लक्ष्य रखता है. यह यात्रा प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है, जहां दोनों नेता व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा करेंगे. ऐतिहासिक रूप से मजबूत भारत-मलेशिया संबंध में हालिया वर्षों में लगातार प्रगति हुई है.
मलेशिया दौरे के लिए निकलने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंधों में हाल के सालों में लगातार प्रगति हुई है. मैं प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ अपनी बातचीत और अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए उत्सुक हूं. हमारा लक्ष्य रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करना, आर्थिक और इनोवेशन साझेदारी को बढ़ाना और अपने सहयोग को नए क्षेत्रों में फैलाना होगा. मैं मलेशिया में भारतीय समुदाय से मिलने के लिए भी उत्सुक हूं. लगभग तीन मिलियन की संख्या वाला यह समुदाय दुनिया के सबसे बड़े भारतीय डायस्पोरा में से एक है. मलेशिया की प्रगति में उनका अपार योगदान और हमारे दोनों देशों के बीच एक जीवित पुल के रूप में उनकी भूमिका हमारी ऐतिहासिक दोस्ती को एक मजबूत आधार प्रदान करती है.”
द्विपक्षीय संबंधों का इतिहास
भारत और मलेशिया के बीच कूटनीतिक संबंध 1957 में स्थापित हुए थे. 2015 में प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान इसे ‘उन्नत रणनीतिक साझेदारी’ का दर्जा दिया गया था. अगस्त 2024 में यह साझेदारी ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ में बदल गयी. यह मोदी जी की मलेशिया की तीसरी यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाती है.
प्रमुख एजेंडे
यात्रा का मुख्य फोकस द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर है. दोनों देश चरमपंथ, उग्रवाद तथा आतंकवाद जैसे वैश्विक खतरों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे. इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक साझेदारी तथा नवाचार क्षेत्रों में नए अवसर तलाशने के मुद्दों पर भी चर्चा होगी. प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रहने वाले भारतीय प्रवासी समुदाय से भी मुलाकात करेंगे, जो कुआलालंपुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे.
यह यात्रा दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मजबूत करेगी. इस यात्रा के दौरान मलेशिया जैसे महत्वपूर्ण भागीदार के साथ भारत के रक्षा सौदे, संयुक्त अभ्यास तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की संभावना बढ़ सकती है. इसके अलावा आर्थिक रूप से, दोनों देश व्यापार लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा निवेश बढ़ाने पर जोर देंगे.