New PMO: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को नए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) भवन का औपचारिक रूप से उद्घाटन करेंगे. इस खास मौके पर केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री, नेता, उच्चाधिकारी, अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के मौजूद रहेने की संभावना है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी शुक्रवार यानी 13 फरवरी को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत निर्मित अपने नए कार्यालय परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन करेंगे.
कार्यक्रम का समय
यह कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे को निर्धारित किया गया है. सेवा तीर्थ का पुराना नाम ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ रखा गया था, जो अब नए नाम सेवा तीर्थ से प्रशासनिक कार्यों का केंद्र बनेगा. प्रधानमंत्री कार्यालय के अलावा, ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और मंत्रिमंडल सचिवालय भी रहेगा.
प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया कि यह स्थानांतरण भारत की स्वतंत्रता के बाद पहली बार है जब प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से स्थानांतरित हो रहा है, जिससे दशकों पुराना एक युग समाप्त हो रहा है. अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया है कि नया परिसर शासन के लिए एक आधुनिक, अत्याधुनिक वातावरण प्रदान करेगा, जो भविष्योन्मुखी प्रशासनिक अवसंरचना के संबंध में भारत की परिकल्पना को दर्शाता है.
1,189 करोड़ में बना ‘सेवा तीर्थ’
1947 में जब देश आजाद हुआ था तब से ही प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से चल रहा है, जो भारत की सत्ता का केंद्र रहा है. पूरे ‘सेवा तीर्थ’ परिसर को बनाने में करीब 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है. यह पूरा परिसर 2,26,203 वर्ग फीट में फैला है. इस सेवा तीर्थ को लार्सन एंड टुब्रो ने बनाया है. ‘सेवा तीर्थ’ परिसर को ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव-1’ के नाम से भी जाना जाता है. पूरे सेवा तीर्थ में 3 अलग-अलग इमारतें बनी हैं, जिनकी भूमिका भी अलग-अलग है.
4-स्टार के अनुरूप डिजाइन
इस जारी बयान में यह भी बताया गया कि इमारतों को 4-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण तंत्र, कुशल अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाएं और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं.
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