PT Usha Husband Death: भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार सुबह निधन हो गया. उनके निधन से खेल और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने खुद पीटी उषा से बात की और उन्हें सांत्वना दी. पीएम मोदी ने इस कठिन समय में पीटी उषा और उनके परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति और समर्थन भी जताया. केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी वी श्रीनिवासन के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, राज्यसभा सांसद पीटी उषा के पति श्रीनिवासन के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ. उन्होंने पीटी उषा और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन का देहांत केरल के कोझिकोड स्थित आवास पर हुआ. 67 साल के वी श्रीनिवासन शुक्रवार सुबह अपने घर पर ही बेहोश हो गए थे. उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए. श्रीनिवासन लंबे समय तक सरकारी सेवा से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपनी पत्नी पीटी उषा के खेल करियर के दौरान हमेशा उनका साथ दिया था.
कौन थे वी श्रीनिवासन?
पीटी उषा के पति वी श्रीनिवासन केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी रह चुके थे. कुछ समय पहले ही श्रीनिवासन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में डिप्टी एसपी के पद से रिटायर हुए थे. श्रीनिवासन ने पीटी उषा की कामयाबी के पीछे की ताकत माना जाता था. उन्होंने पीटी उषा के उनके खेल करियर सहयोग देने के साथ ही उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स की स्थापना की. इसके अलावा पीटी उषा के राज्यसभा सदस्य रहते हुए भी श्रीनिवासन उनके साथ हमेशा मौजूद रहे.
कौन हैं पीटी उषा?
पीटी उषा भारत की दिग्गज एथलीय और खेल प्रशासक हैं. उनका पूरा नाम पिलावुल्लकंडी थेक्केपराम्बील उषा है. पीटी उषा को ‘पय्योली एक्सप्रेस’ के नाम से भी जाना जाता है. मौजूदा समय में पीटी उषा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष हैं. दिसंबर 2022 में उन्होंने इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी. उसी साल जुलाई में भारत के राष्ट्रपति ने पीटी उषा को राज्यसभा सांसद के रूप में मनोनीत किया था. पीटी उषा ने की एथलीट करियर काफी शानदार रहा है. उन्होंने एथलेटिक्स में कई रिकॉर्ड बनाए हैं. पीटी उषा ने साल 1986 के सियोल एशियाई खेलों में 4 गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था.
इसके अलावा साल 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पीटी उषा किसी ओलंपिक कम्पटीशन के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थीं. उस ओलंपिक में पीटी उषा 400 मीटर बाधा दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतने से सिर्फ 0.01 सेकंड से चूक गई थीं. यह उनके करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है. खेल में पीटी उषा के अमूल्य योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री (1985) और अर्जुन पुरस्कार (1983) से भी सम्मानित किया जा चुका है.