PM Modi and Rahul Gandhi Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें राहुल गांधी और पीएम मोदी एक दूसरे से बात करते नजर आ रहे हैं. दोनों हमेशा एक-दूसरे के सामने नजर आते हैं. ऐसे में राहुल और पीएम मोदी एक साथ नजर आए और दोनों ने मुस्कुराते हुए एक दूसरे से बात की, ये लोगों को काफी चौंकाने वाला रहा और ये मुलाकात चर्चा का विषय बन गया है. दरअसल, शनिवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पीएम मोदी अचानक एक दूसरे के सामने आ गए. दोनों ने कुछ देर तक एक दूसरे से बात की. इस दौरान राजनीतिक माहौल का अलग चेहरा देखने को मिला. सार्वजनिक माहौल पर दोनों तीखी बयानबाजी के बीच निजी तौर पर मुस्कुराहट के साथ संवाद की झलक देखने को मिली.
प्रेरणा स्थल पर पीएम मोदी-राहुल की मुलाकात
बता दें कि 11 अप्रैल 2026 का है, जब पीएम मोदी महान समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे. प्रेरणा स्थल पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी वहां पर थे, जो पीएम के आते ही वहां पर रुक गए. उन्होंने सबसे मुलाकात की और राहुल गांधी के सामने रुक गए. राहुल गांधी ने हाथ जोड़कर उनसे नमस्कार किया और मुस्कुराहट के साथ दोनों ने बातचीत की. इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है.
#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives at Prerna Sthal on the Parliament premises to pay a floral tribute to Mahatma Jyotiba Phule on his 200th birth anniversary today.
Lok Sabha Speaker Om Birla, Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Union Minister Arjun Ram Meghwal, former… pic.twitter.com/QexqUVky1Z
— ANI (@ANI) April 11, 2026
वीडियो में क्या है?
बातचीत के दौरान संसद में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत तमाम नेता नजर आए. पीएम नरेंद्र मोदी ने एक-एक कर सभी नेताओं से मुलाकात की. इसके बाद वे राहुल गांधी के पास पहुंचे और कुछ सेकंड के लिए रुक गए. दोनों ने कुछ सेकंड के लिए बात की. हालांकि अभी ये पता नहीं चल सका है कि दोनों के बीच किस मुद्दे पर बात हुई. हालांकि दोनों के बीच हुई बातचीत राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है.
क्यों खास हैं ये पल?
ये पल खास माने जा रहे हैं क्योंकि संसद में और चुनावी मंचों पर दोनों नेता अक्सर एक दूसरे पर तीखे हमले करते नजर आ रहे हैं. सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद बातचीत की संभावना बनी रहती है.