Raj Kundra Granted Bail: एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी के पति और बिजनेसमैन राज कुंद्रा को बिटकॉइन स्कैम मामले में राहत मिल गई है. शुक्रवार को मुंबई की एक विशेष पीएमएलए कोर्ट ने राज कुंद्रा को राहत देते हुए उनकी जमानन को मंजूरी दे दी है. उन्हें 150 करोड़ रुपए के बिटकॉइन घोटाला मामले में जमानत मिलने के बाद उनके वकील ने भी केस से जुड़ी कुछ बातें बताई हैं. उन्होंने बताया कि ईडी ने राज कुंद्रा पर बिटकॉइन घोटाले का आरोप लगाया है. ईडी का कहना है कि उनके पास 285 बिटकॉइन मिले थे. उस समय इसकी कीमत 6.6 करोड़ रुपए थी.
क्या बोले वकील प्रशांत पाटिल?
बता दें कि राज कुंद्रा की तरफ से वकील प्रशांत पाटिल ने मामले के फैक्ट्स पर बात करते हुए बताया कि ED का आरोप है कि राज कुंद्रा को जुलाई 2017 में कथित तौर पर 285 बिटकॉइन मिले थे. ED के अपने वैल्यूएशन के हिसाब से जुलाई 2017 में 285 बिटकॉइन की कीमत लगभग USD 1 मिलियन थी, जो उस समय लगभग 6.6 करोड़ रुपए थी. ED ने अपनी मर्ज़ी से 16 अप्रैल 2024 को एक बिटकॉइन की कीमत खुद ही 52 लाख रुपए लगा ली. इस आधार पर ईडी ने इसकी कीमत लगभग 150 करोड़ रुपए लगा ली. वकील ने कहा कि ये तरीका पूरी तरह से गलत और कानूनी तौर पर गलत है क्योंकि ये बिना किसी कानूनी आधार के अपनी पसंद का वैल्यूएशन करना है.
#UPDATE | Businessman Raj Kundra granted bail by the PMLA Court in Mumbai in the Bitcoin scam case. https://t.co/ymV0MF0tfu
— ANI (@ANI) February 20, 2026
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल दिल्ली की वेरिएबलटेक प्राइवेट लिमिटेड (VTPL) से जुड़े 6,606 करोड़ रुपये के बिटकॉइन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक सप्लीमेंट्री प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट फाइल की थी, जिसमें राज कुंद्रा और राजेश राम सतीजा का नाम आरोपियों में शामिल था.
शिकायत पर संज्ञान लेते हुए, स्पेशल PMLA कोर्ट ने देखा कि आरोपी नंबर 17 यानी राज कुंद्रा और आरोपी नंबर 18 राजेश राम सतीजा के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के सेक्शन 4 के तहत सजा के तौर पर सेक्शन 3 के तहत कार्रवाई करने के लिए काफी मटेरियल था. कोर्ट ने कहा कि ED ने उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए एक प्राइमा फेसी केस बनाया है.
कुंद्रा ने वॉलेट एड्रेस बताने से किया इनकार
कोर्ट ने ED के इस आरोप को भी रिकॉर्ड किया कि कुंद्रा ने बिटकॉइन के रूप में क्राइम से कमाई की थी और उसे अपने पास रखा था. एजेंसी के मुताबिक, उन्हें 16 अप्रैल 2024 तक 285 बिटकॉइन मिले, जिनकी कीमत 150.47 करोड़ रुपये थी. हर बिटकॉइन की कीमत 52,79,755 रुपये थी. उन्होंने उन बिटकॉइन को अपने पास रखा और उनका इस्तेमाल करना जारी रखा. ED ने आरोप लगाया कि कुंद्रा ने वॉलेट एड्रेस बताने से मना कर दिया और वो बिटकॉइन सरेंडर करने में नाकाम रहे. ये कथित तौर पर आरोपी अमित भारद्वाज से मिले थे, जिससे वह अपराध की कमाई का फायदा उठाने लगे.
फंड की शुरुआत को छिपाने की कोशिश
इसके अलावा कोर्ट ने ED के इस दावे का ज़िक्र किया कि कुंद्रा ने न केवल अपराध की कथित कमाई हासिल की बल्कि लेन-देन को जायज दिखाने के लिए लेयर बनाने की भी कोशिश की. इसमें आरोप लगाया गया कि उन्होंने अपनी पत्नी के साथ मार्केट वैल्यू से काफी कम रेट पर बिक्री का लेन-देन किया ताकि फंड की शुरुआत को छिपाया जा सके और उनके कथित गैर-कानूनी सोर्स को छिपाकर कानूनी नतीजों से बचा जा सके.