Ramdarbar Ashtadhatu Idols: भोजपुर जिले के कोईलवर थाना के मालखाना में तीन साल से बंद रामदरबार की अष्टधातु की सात मूर्तियां और मुकुट मंगलवार को मुक्त कर दिए गए. सभी मूर्तियों को सीजीएम न्यायालय में छह लाख रुपये का बेल बॉन्ड भरने के बाद कोईलवर थाना से मुक्त किया गया. रामदरबार की सभी मूर्तियों की विधिवत पूजा-अर्चना की गई. इसके बाद बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़का धकाईच स्थित मठ के सचिव कन्हैया दुबे, सुधीर दुबे, रौशन पांडेय, नवीन कुमार सिंह और अधिवक्ता धनेश पांडेय मूर्तियों को लेकर कृष्णब्रह्म के लिए रवाना हुए. तीन साल बाद मालखाना से मूर्तियों की रिहाई होने पर रामभक्तों में खुशी का माहौल देखने को मिला. मौके पर थानाध्यक्ष नरोतम चंद्र, अपर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार मंडल, पुष्कर कुमार और पूर्व मालखाना प्रभारी उपेंद्र चौधरी मौजूद रहे.
2023 में मठ से चोरी हुई थीं मूर्तियां
गौरतलब है कि 21 जनवरी 2023 को बक्सर जिले के कृष्णब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़की धकाईच स्थित रामजानकी मठ से राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और लड्डू गोपाल समेत सात मूर्तियां तथा एक मुकुट चोरी कर लिया गया था. चोरी के अगले ही दिन 22 जनवरी 2023 की सुबह कोईलवर पुलिस ने आरा-छपरा मोड़ से एक कार से सभी मूर्तियां बरामद कर ली थीं. इस दौरान एक कट्टे के साथ चोर को गिरफ्तार भी किया गया था.
पहले भी हो चुकी है चोरी और हत्या की वारदात
इससे पहले 6 जून 2011 को भी रामजानकी मठ से तीन मूर्तियां चोरी हुई थीं. उस समय पुजारी भुनेश्वर दास की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था. चोरी हुई तीनों मूर्तियां वर्ष 2013 में कोईलवर थाना क्षेत्र से बरामद हुईं, जिन्हें मुक्त कराकर पुनः रामजानकी मठ, बड़का धकाईच में स्थापित कर दिया गया था.
मूर्तियों की कीमत बताई जा रही 60 करोड़ रुपये से अधिक
बरामद अष्टधातु की मूर्तियों की कीमत लगभग 60 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. इन्हें मालखाना से मुक्त कराने के लिए बड़का धकाईच की सरपंच बिंदु देवी और कुसुम देवी ने छह लाख रुपये का बेल बॉन्ड भरा, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर मूर्तियों को मुक्त किया गया. रामजानकी मंदिर के सचिव कन्हैया दुबे ने बताया कि लगभग 300 साल पहले नेपाल के महाराजा ने इस मठ में इन मूर्तियों की स्थापना कराई थी.