Medical Chartered Plane Crashed: सोमवार रात झारखंड के चतरा जिले में एक एयर एम्बुलेंस क्रैश हो गई जिसमें सवार सभी सात लोगों के मारे जाने की आशंका है. यह भारत के एविएशन सेक्टर में आई सबसे नई सुरक्षा समस्या है. चतरा की डिप्टी कमिश्नर कीर्तिश्री जी ने PTI को बताया कि मरने वालों की संख्या कन्फर्म नहीं हो पाई क्योंकि दुर्घटना की जगह जंगल में थी.
एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए (DGCA) के एक बयान के मुताबिक दिल्ली की रेडबर्ड एयरवेज का बीचक्राफ्ट C90 नाम का यह एयरक्राफ्ट शाम 7:11 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ा था. शाम 7:34 बजे कोलकाता से संपर्क होने के बाद टेल नंबर VT-AJV वाले इस एयरक्राफ्ट का वाराणसी से लगभग 100 NM साउथ-ईस्ट में कोलकाता से संपर्क और रडार से संपर्क टूट गया और उसके कुछ ही देर बाद प्लेन सिमरिया के पास जंगल में गिर गया. अक्षय यादव की रेडबर्ड एयरवेज 2018 में शुरू हुई थी और इसकी वेबसाइट के मुताबिक इसे 2019 में नॉन-शेड्यूल्ड फ़्लाइट्स सर्विस देने का परमिट मिला था. डीजीसीए की वेबसाइट के मुताबिक इसके फ्लीट में छह प्लेन हैं जिसमें सोमवार शाम को क्रैश हुआ प्लेन भी शामिल है.
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की जांच तेज
इस क्रैश से चार्टर्ड जेट ऑपरेटर्स और उन्हें कंट्रोल करने वाले रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की जांच तेज हो गई है. 28 जनवरी को बारामती में लियरजेट 45 एयरक्राफ्ट का क्रैश हुआ था जिसमें महाराष्ट्र के डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित पवार और चार अन्य लोगों की जान चली गई थी. इसके बाद से इंडिपेंडेंट जांच की मांग उठी थी और चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को सीबीआई जांच की मांग की.
डीजीसीए ने पहले घोषणा की थी कि वह सभी नॉन-शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स का स्पेशल ऑडिट कर रहा है, लेकिन रिपोर्ट्स पब्लिकली जारी नहीं की गई हैं. न ही उसने लियरजेट के ऑपरेटर वीएसआर (VSR) वेंचर्स जो क्रैश हुआ था की अपनी जांच के नतीजों पर रिपोर्ट जारी की है.
तीसरा जानलेवा सिविलियन एविएशन हादसा
जून के बाद से यह तीसरा जानलेवा सिविलियन एविएशन हादसा है जब एयर इंडिया का बोइंग ड्रीमलाइनर अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के तुरंत बाद क्रैश हो गया था. क्रैश की फाइनल रिपोर्ट भी अभी तक जारी नहीं हुई है.
VIDEO | An air ambulance with seven people onboard to Delhi from Ranchi crashed near Simaria in Jharkhand’s Chatra district on Monday, Ranchi airport Director Vinod Kumar said.
The crash occurred after the air ambulance took off from Ranchi airport at about 7.10 pm, the official… pic.twitter.com/4ZgxOMKLUo
— Press Trust of India (@PTI_News) February 23, 2026
बोर्ड पर कौन था?
बोर्ड पर 41 साल के मरीज संजय कुमार थे जो 63% जल गए थे और उन्हें रांची के देवकमल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से शिफ्ट किया जा रहा था डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, दो अटेंडेंट अर्चना देवी और धुरु कुमार और दो क्रू मेंबर विवेक विकास भगत और सवराजदीप सिंह, दोनों कैप्टन थे. रांची एयरपोर्ट के डायरेक्टर विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम क्रैश का एक कारण हो सकता है लेकिन असली कारण जांच के बाद ही पता चलेगा.
देवकमल हॉस्पिटल के सीईओ अनंत सिन्हा ने पीटीआई को बताया कि एयर एम्बुलेंस का इंतज़ाम उनके एक मरीज़ ने किया था क्योंकि परिवार के सदस्यों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का फैसला किया था. उन्होंने कहा कि ‘मरीज शाम करीब 4.30 बजे हॉस्पिटल से दिल्ली के लिए निकले.’
पूर्व मुख्यमंत्री ने जताया दुख
पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी ता चंपई सोरेन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सिमरिया में एयर एम्बुलेंस क्रैश की खबर से वह बहुत दुखी हैं. उन्होंने पोस्ट किया ‘मैं मारंग बुरु (सबसे बड़े आदिवासी देवता) के प्लेन में सवार क्रू मेंबर्स समेत सभी 7 लोगों के सुरक्षित ठीक होने और इस मुश्किल समय में उनके परिवारों को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं.’