Republic Day 2026: हर साल की भांती इस बार भी कर्तव्य पथ पर निकलीं विभिन्न राज्यों की झांकियां मानो पूरे भारत को एक ही मंच पर समेट लाई हों. इतना भव्य नजारा था कि लोग देखते ही रह गए. कहीं राजस्थान की झांकी में 24 कैरेट सोने जैसी शाही चमक झलक रही थी, तो कहीं हिमाचल की झांकी में बर्फ से ढके पहाड़ों. जानें और क्या-क्या था.
छत्तीसगढ़ की झांकी
छत्तीसगढ़ की झांकी में आदिवासी नायकों के संघर्ष को याद किया गया. जिसकी खास बात यह रही कि झांकी में नवा रायपुर के उस ‘डिजिटल म्यूजियम’ को भी प्रदर्शित किया गया, जो आधुनिक तकनीक के जरिए आदिवासी विद्रोहों की गाथाओं को संरक्षित कर रहा है.
हिमाचल प्रदेश की झांकी
हिमाचल प्रदेश की झांकी में काठकुणी वास्तुकला के साथ-साथ राज्य के चार परमवीर चक्र विजेताओं की प्रतिमाएं शिखर पर नजर आईं. बर्फ की पहाड़ियों के बीच तिरंगा लहराता सैनिकों के दृश्य ने सबका सीना गर्व से चौड़ा कर दिया.
असम की झांकी
असम की झांकी एक विशाल और सुंदर मयूरपंखी नाव का आकार था. इसमें ‘हीरामति’ मिट्टी से मूर्तियां बनाते कलाकार और मेखला चादर पहने लोक गीतों पर थिरकती महिलाएं असम की आत्मनिर्भरता और कलात्मक पहचान का जश्न मना रही थीं.
राजस्थान की झांकी
राजस्थान की झांकी ने ‘शाही’ माहौल बना दिया. इस बार ‘मरुधरा’ ने बीकानेर की मशहूर ‘उस्ता कला’ को दुनिया के सामने रखी गई. झांकी की मेहराबों और कुप्पियों को 24 कैरेट सोने के वर्क और प्राकृतिक रंगों से खूबसूरती से सजाया गया था.
पंजाब की झांकी
पंजाब की झांकी भी जबरदस्त रही. पंजाब की झांकी ‘हिंद दी चादर’ कहे जाने वाले गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व को समर्पित रही. गुरु साहिब के साथियों के बलिदान को भी दर्शाया गया, जो धर्म और मानवीय गरिमा की रक्षा का संदेश दे रहे थे.
उत्तर प्रदेश की झांकी
उत्तर प्रदेश की झांकी में बुंदेलखंड की विरासत और राज्य की आधुनिक रफ्तार दोनों एक साथ दिखीं. इसके अगले हिस्से में कालिंजर किले का ‘एकमुख शिवलिंग’ आकर्षण का केंद्र रहा.
गुजरात की झांकी
गुजरात की झांकी ने ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने और मैडम भीखाजी कामा के योगदान को सलाम किया.