परेड की जगह कौन सी रहेगी?
बता दें कि पीएम मोदी राष्ट्रीय युध्द स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. इसी के साथ परेड की शुरुआत हो जाएगी. परेड के समय की बात की जाए तो यह 10.30 सुबह से लेकर दोपहर में 12 बजे तक है. महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पारंपरिक बग्गी में कर्तव्य पथ पर पहुंचेंगी और एक औपचारिक मार्च पास्ट के दौरान सलामी लेगी. इस मार्च पास्ट में NCC,NSS, सहायक नागरिक बल, सशस्त्र बल, अर्धसैनिक बल शामिल होंगी.
मुख्य अतिथि के बारे में जानें
एक बार फिर से बता दें कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस परेड की इस बार मुख्य अतिथि होंगी. वे यूरोप के 27 देशों के समूह यूरोपीय यूनियन के बीच समझौते पर अंतिम मुहर लगाएंगे. इस समझौते के माध्यम से इंडिया को फ्रांस, जर्मनी, स्पेन आदि सहित इस संगठन से एक साथ मुफ्त व्यापार समझौता कर सकेगा.
थीम के बारे में पता है?
इस बार की थीम ‘वंदे मातरम’ है. ऐसा इसलिए क्योंकि वंदे मातरम के 150 साल पूरे हो गए हैं. तेजेंद्र कुमार मित्रा द्वारा 1923 में बनाई गई ‘बंदे मातरम एल्बम (1923)’ चित्रों की एक सीरीज को कर्तव्य पथ पर व्यू कटर के तौर पर प्रदर्शित किया जाएगा. इस बार झांकियों को वंदे मातरम और आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत प्रस्तुत किया जाएगा. बीते साल की तरह इस साल भी Mygov और My Bharat portal पर प्रतियोगिताएं और क्विज का आयोजन किया गया. इसमें 1,61,224 लोगों ने भाग लिया, जिसमें से टॉप 30 विजेताओं को कैश और 200 विजेताओं को आरडीसी 2026 देखने के लिए निमंत्रण मिला.
मुख्य आकर्षण में क्या है?
इस बार गणतंत्र दिवस पर मुख्य आकर्षण के तौर पर पहली बार 61 कैवेलरी और बैटल ऐरे फॉर्मेंशन को दिखाया जाएगा. सात मार्चिंग टुकड़ियां इसमें लोगों को देखने को मिलेंगी. इसके अलावा एचएमआरवी, ध्रुव हेप्ट्र, बैटल टैंक, टी 90, कई बेहतरीन मिसाइलें और लेटेस्ट हथियारों को लोग देख पाएंगे. सबसे खास बात यह भी है कि इसमें एक पशु टुकड़ी को शामिल किया गया है. इसमें जांस्कर टट्टू, बैक्टीरिया ऊंट और डॉग के साथ हैंडलर्स टुकड़ी भी रहेगी. वहीं, स्काउट, राजपूत, असम, आर्मी और जैक ली टुकड़ी को देखने का लुत्फ उठा पाएंगे. वहीं, ऊंचा कदम ताल में भैरव टुकड़ी और लद्दाख स्काउट सलामी मंच के बाद आएगी. वायुसेना की झांकियां भी इस परेड में प्रदर्शन के तौर पर रहेंगी. इसमें 18 मार्च टुकड़ियां और 13 बैंड भाग लेने वाले हैं. इस साल, गणतंत्र दिवस 2026 में सशस्त्र बलों के कुल 29 विमान विभिन्न संरचनाओं में भाग लेंगे.
अतिथियों के आमंत्रण में कौन और कितने लोग?
इस वर्ष कर्तव्य पथ पर विशेष अतिथि के रूप में देखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों से करीब 10,000 लोगों को आमंत्रित किया गया. इनमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसान वर्ग से लेकर वैज्ञानिक तक के लोगों को समारोह देखने के लिए आमंत्रित किया गया है. अलग-अलग विभागों और जगहों पर इन अतिथियों की पहचान करके इन्हें बुलाया गया. नजारा भव्य होने वाला है.
राज्यों में भी धूम
गणतंत्र दिवस की धूम राज्यों में भी दिखाई दे रही है. हर राज्य के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री एवं अधिकारी अपनी-अपनी जगहों पर झंडा वंदन करेंगे. राज्यों में सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. कई स्कूलों में भी आज के दिन तरह-तरह के कार्यक्रम होते हैं. शिक्षण संस्थाएं और अन्य विभागों में भी झंड़ा वंदन कर स्पीच दी जातीहै. देश में कई जगहों पर प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है. लोगों को देश के प्रति प्रेम और समर्पण की भावना देखने और सीखने को मिलती है.
इन सब को देखते हुए एहतियात के तौर पर चप्पे-चप्पे पर दिल्ली पुलिस, आर्मी और अन्य जवानों को सुरक्षा के तौर पर तैनात किया गया है. कई जगहों को आज के लिए बंद किया गया है, जिसे शाम तक खोला जाएगा. वहीं, ट्रैफिक नियमों में भी कई बदलाव किए गए हैं. अगर आप परेड देखने जा रहे हैं, तो निजी वाहन से न जाएं, बल्कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का यूज करें. हमेंशा सतर्क रहें और आज के दिन दिल्ली में देर रात तक नहीं रुकें.