Republic Day 2026: हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है. और इस साल 2026 में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. हर साल देश के प्रति प्रेम और गर्व महसूस होता है. लेकिन क्या हर साल हर व्यक्ति की देश भक्ति एक जैसी होती है. क्या देश प्रेम कुछ मायनों में अलग है? इसका जवाव आप मनोविज्ञान और दर्शन सामाजिक विज्ञान से ले सकते हैं.
देशभक्ति का विज्ञान और मनोविज्ञान
मनोवैज्ञानिक के मुताबिक देशभक्ति इंसान की पहचान से जुड़ी भावना के रूप में होता है. व्यक्ति स्वंय को राष्ट्र का हिस्सा मानता है जहां उसे अपनापन, सुरक्षा के साथ गर्व महसूस होता है. विज्ञान के आधार पर झंडा, राष्ट्रगान, भाषा लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ता हैं.
क्या सभी प्रकार की देशभक्ति एक जैसी होती है?
दार्शनिक स्टीफन नाथनसन 1997 ने देशभक्ति को चार मूल घटकों की पहचान की है. जिसमें,पहला व्यकिति को अपने देश से परिवार की तरह भावनात्मक जुड़ाव होता है. दूसरे में व्यक्ति स्वंय को देश के इतिहास, सांसकृतिक इत्यादि जैसे मुल्यों से जोड़ता है. तीसरे देशभक्ति में देश की चिंता शामिल है, जैसे देश की प्रगति, कल्याण और न्याय आदि. और चौथे देशभक्ति में व्यक्ति देश के लिए अपने हितों का त्याग करने के लिए तैयार रहता है.
देशभक्ति और राष्ट्रवाद क्या है?
यहां पर अगर हम बात करें तो देशभक्ति देश के प्रति प्रेम के साथ कार्यों का विरोध, सरकार का और उसके नितियों की आलोचना भी देशभक्ति के अंतर्गत है. वहीं अगर राष्ट्रवाद की ओर देखें तो देश को सबसे उपर मानने की भावन सर्वोपरी है. किसी भी तरह की आलोचना को देशभक्त द्वारा देशद्रोह समझने का खतरा रहता है. हमारे यहां लोकतांत्रिक समाज में अपने देश से प्रेम करते हुए उसे और अच्छा बनाने की कोशिश करना है. यहां हर चीज को आंख बंद करके सही मानने की प्रथा नहीं है.
गणतंत्र दिवस का संदेश क्या है?
गणतंत्र दिवस भारत के संविधान, लोकतंत्र और एकता का प्रतीक है. भारत में संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ और उसी दिन से हर साल गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस मौके पर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान और संविधान बनाने में योगदान देने वालों का याद दिलाता है. आज के दिन सभी भारतवासियों के दिलों में दिशभक्ति की भावना के साथ देश से प्रेम करने की बात होती है.