Republic Day Parade 2026: इस बार 26 जनवरी 2026 भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का जश्न बड़े ही उत्साह और गर्व के साथ मनाया जाएगा. देश की राजधानी में सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भर भारत की झलकियां देखने को मिलेगीं. अबकी बार का आयोजन स्पेशल रूप से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने की ऐतिहासिक उपलब्धि को समर्पित है. गणतंत्र दिवस की परेड भारत की अदम्य सैन्य ताकत को दिखाती है. इसके अलावा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों के जरिए देश की विविधता को उजागर करती है. डीप-स्ट्राइक क्षमताओं वाला रॉकेट लॉन्चर सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’, नई बनी भैरव लाइट कमांडो बटालियन, और ज़ांस्कर टट्टू और बैक्ट्रियन ऊंट पहली बार गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा होंगे. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परेड में अठारह मार्चिंग टुकड़ियां और 13 बैंड हिस्सा लेंगे, जो करीब 90 मिनट तक चलेगी.
पहली बार दिखेगी ये चीजें
26 जनवरी को 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में इस बार कई और पहली बार होने वाली चीजें भी देखने को मिलेंगी. अपने भारी थर्मल गियर में देखी जाने वाली एक मिश्रित स्काउट्स टुकड़ी भी पहली बार परेड का हिस्सा होगी. परेड में शक्तिवानन रेजिमेंट का भी डेब्यू होगा, जिसे आर्टिलरी में स्थापित किया गया है. नई बनी रेजिमेंट ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लोइटर म्यूनिशन से लैस होगी. पहली बार घुड़सवार 61 कैवलरी के टुकड़ी के सदस्य बैटल गियर में देखे जाएंगे और प्रमुख सेना संपत्तियां, जिनमें कर्मियों के साथ स्वदेशी प्लेटफॉर्म शामिल हैं. 61 कैवलरी अपने सदस्यों द्वारा औपचारिक वर्दी और एक आकर्षक हेडगियर पहनने के कारण अपनी प्रभावशाली उपस्थिति के लिए जानी जाती है. पारंपरिक रूप से औपचारिक परेड में सशस्त्र बलों की अग्रणी टुकड़ी रही है.
भैरव बटालियन गणतंत्र दिवस पर मार्च करेगी
भारतीय सेना की विशिष्ट इकाई भैरव लाइट कमांडो बटालियन ने भी 15 जनवरी को जयपुर में अपनी सेना दिवस परेड में शुरुआत की थी. बटालियन का गठन पिछले साल अक्टूबर के आसपास किया गया था. भैरव बटालियन को इन्फैंट्री और विशेष बलों के बीच अंतर को पाटने के लिए पेश किया गया है. परेड के दौरान प्रदर्शित की जाने वाली रक्षा संपत्तियों में ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MRSAM) सिस्टम, एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS), धनुष आर्टिलरी गन, शक्तिबान और कुछ ड्रोन का एक स्थिर प्रदर्शन शामिल होगा.
इनका होगा प्रदर्शन
आकाश हथियार प्रणाली और MRSAM प्रणाली इस साल की परेड में प्रदर्शित की जा रही हैं. मेजर जनरल ढिल्लों ने कहा कि यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम URLS ‘सूर्यास्त्र’ को पहली बार परेड में शामिल किया गया है. यह 300 किमी तक सतह से सतह पर हमला कर सकता है. दो हिस्सों में होने वाले इस समारोह में फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमान शामिल होंगे, जिनमें राफेल, Su-30, P8I, MiG-29, अपाचे, LCH (लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर), ALH (एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर), Mi-17 हेलीकॉप्टर अलग-अलग फॉर्मेशन में और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट C-130 और C-295 शामिल होंगे.

पशु दल लेगा हिस्सा
इस साल की परेड में जांस्कर टट्टू, बैक्ट्रियन ऊंट, रैप्टर (चील) और सेना के कुत्तों वाला एक पशु दल भी हिस्सा लेगा. रीमाउंट वेटरनरी कोर (RVC) दल का नेतृत्व करने वाली कैप्टन हर्षिता राघव ने कहा कि इस दल में दो बैक्ट्रियन ऊंट, चार जांस्कर टट्टू, चार रैप्टर और कुछ सेना के कुत्ते शामिल होंगे. मध्य प्रदेश की रहने वाली राघव के पिता भारतीय वायु सेना में थे. उन्होंने कहा कि वह RVC में महिला अधिकारियों के पहले बैच में से हैं.
गणतंत्र दिवस 2026 के लिए मुख्य अतिथि
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा परेड में मुख्य अतिथि होंगे. मेजर जनरल ढिल्लों ने कहा कि कर्नल रैंक का एक अधिकारी एक वाहन पर सवार एक छोटे यूरोपीय संघ दल का नेतृत्व करेगा और उसके पीछे दो अलग-अलग वाहनों पर सवार चार झंडाबरदार होंगे. दिल्ली एरिया के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने पत्रकारों को बताया कि इस साल गणतंत्र दिवस परेड में करीब 6,000 डिफेंस कर्मी हिस्सा लेंगे.