Rohini Acharya: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक तीखे पोस्ट से बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है. अपने बयान में उन्होंने बिना किसी का नाम लिए पार्टी के मौजूदा नेतृत्व और अंदरूनी हालात पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. रोहिणी आचार्या ने ‘लालूवाद’ और सामाजिक-आर्थिक न्याय की विचारधारा का जिक्र करते हुए दावा किया कि पार्टी की असली कमान ऐसे लोगों के हाथों में चली गई है, जो राजद को कमजोर करने की साजिश में जुटे हैं. उनके इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं.
रोहिणी आचार्या ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा कि ‘जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी – वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक ,आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष एवं प्रयासों का गौरवबोध होगा, जिसे लालू जी की राजनीतिक विरासत व् विचारधारा को गर्व के साथ आगे ले जाने की परवाह होगी, वो अवश्य ही पार्टी की मौजूदा बदहाली के लिए जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा एवं ऐसे लोगों की संदिग्ध – संदेहास्पद भूमिका के खिलाफ अंजाम की परवाह किए बिना अपनी आवाज उठाएग’.
साजिशकर्ताओं के हाथों में है पार्टी का कमान-रोहिणी आचार्या
रोहिणी आचार्या ने आगे लिखा कि ‘वर्त्तमान की कड़वी , चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि ” आज जनता के हक़ हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली जन – जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों- साजिशकर्ताओं के हाथों में है. जिन्हें लालूवाद को तहस – नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है . कब्ज़ा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं
जो सही मायनों में लालूवादी होगा, जिस किसी ने भी लालू जी के द्वारा, हाशिए पर खड़ी आबादी – वंचितों के हितों के लिए मजबूती से लड़ने वाली, खड़ी की गयी पार्टी के लिए निःस्वार्थ भाव से संघर्ष किया होगा, जिस किसी को भी लालू जी के द्वारा सामाजिक – आर्थिक न्याय के लिए किए गए सतत संघर्ष…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 25, 2026
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अपने गिरेबान में झांकना होगा-रोहिणी आचार्या
रोहिणी आचार्या ने आगे लिखा कि ‘नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे को सवालों से भागने ,सवालों से बचने , जवाब देने से मुंह चुराने, तार्किक तथ्यात्मक जवाब देने की बजाए भ्रम फ़ैलाने, लालूवाद व् पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार , अभद्र आचरण , अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर “वो” चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष व् आरोप स्वतः ही साबित होता है.’
नीतीश सरकार तीखा हमला
इससे पहले किए गए एक पोस्ट में रोहिणी अचार्य ने बिहार में बढ़ते अपराध, खासकर महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को लेकर एक बार फिर नीतीश सरकार पर तीखा हमला बोला था.उन्होंने सोशल मीडिया के ज़रिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सीधे सवाल उठाते हुए सरकार के कामकाज पर गंभीर आरोप लगाए थे.
माननीय मुख्यमंत्री जी .. ये शर्म का विषय है कि क़ानून के राज के आपके तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां असुरक्षित हैं .. दुःखद सच्चाई ये है कि सरकार की संवेदनहीनता , महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सरकारी – प्रशासनिक उदासीनता और नाकामी की वजह से बहन – बेटियों के लिए तनिक भी… pic.twitter.com/vU3gpDg52O
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) January 24, 2026
रोहिणी आचार्य ने लिखा कि यह शर्मनाक है कि कानून के राज के तमाम दावों के बावजूद बिहार में बेटियां खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही हैं. उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा के प्रति सरकार की असंवेदनशीलता और प्रशासनिक उदासीनता के कारण राज्य बहनों और बेटियों के लिए लगातार असुरक्षित होता जा रहा है.