Rohini Acharya: बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी ने गर्मी पकड़ ली है.लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गए हैं. पिछले रविवार (8 फरवरी, 2026) को सोशल मीडिया पर यह चर्चा शुरू हो गई कि तेज प्रताप यादव के यहां बेटी हुई है. अनुष्का यादव ने एक बच्ची को जन्म दिया है. केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सार्वजनिक रूप से उन्हें बधाई दी. इसके बाद तेज प्रताप ने रात 8:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने इन दावों को गलत बताते हुए साफ कहा कि अनुष्का के साथ उनका कोई रिश्ता नहीं है. उन्होंने बेटी के जन्म की खबर को भी अफवाह बताया और कोर्ट जाने की धमकी दी. इन सबके बीच जेडीयू ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए रिएक्शन भी दिया है. अब तेज प्रताप यादव की बहन राजद नेता रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर इसका जवाब दिया है.
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए निजी जिंदगी पर टिप्पणी करने वालों को आड़े हाथों लिया और कहा कि ऐसे लोग या तो निठल्ले होते हैं या उनकी नीयत ही खराब होती है.
रोहिणी आचार्य ने क्या कहा?
रोहिणी आचार्य ने लिखा कि ‘ किसी की निजी जिंदगी में ताका,झांकी किसी के निजी मामलों पर टीका,टिप्पणी वही करते हैं जो निट्ठले होते हैं या फिर जिनकी खुद की फितरत व् नियत गंदी होती है. बिना फीस के वकील बने बैठे भौंकने वाली बेचैन आत्माओं जिसकी जिंदगी से जुड़ा मसला है उसे खुद या उसके परिवार को समझने संभालने दो.नाहक परेशान मत हो, तुम जैसों की दिखावे की परेशानी का मतलब और मकसद सब समझते हैं.
किसी की निजी जिंदगी में ताका – झांकी , किसी के निजी मामलों पर टीका – टिप्पणी वही करते हैं , जो निट्ठले होते हैं या फिर जिनकी खुद की फितरत व् नियत गंदी होती है ..
बिना फीस के वकील बने बैठे भौंकने वाली बेचैन आत्माओं … जिसकी जिंदगी से जुड़ा मसला है , उसे खुद या उसके परिवार को…
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) February 9, 2026
जेडीयू ने क्या कहा?
सोमवार को जेडीयू के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, “देखिए उन्होंने अपनी ओर से वैवाहिक संबंधों को लेकर सफाई दे दी है. जहां तक राष्ट्रीय जनता दल के अंदर तेजस्वी यादव के खिलाफ जो असंतो. तेज प्रताप यादव या रोहिणी आचार्य, या परिवार के अन्य सदस्यों के अंदर है, या जो पार्टी के अंदर रमीज या संजय यादव जैसे लोगों के खिलाफ जिस कदर नाराजगी बढ़ी है उससे बिल्कुल साफ है कि परिवार और पार्टी दोनों तेजस्वी यादव के व्यवहार से असहज है.”
गौरतलब है कि जब अनुष्का का मामला सामने आया तो तेज प्रताप यादव को उनके पिता लालू यादव ने पार्टी से निकाल दिया था. तेज प्रताप को परिवार से अलग होने के लिए मजबूर होना पड़ा. इसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बनाई. उन्होंने 2025 का चुनाव महुआ से लड़ा लेकिन हार गए.