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Sadhvi Prem Baisa Case: गलत इंजेक्शन के बाद साध्वी प्रेम बाईसा का इंस्टाग्राम पर वायरल नोट, ‘सुसाइड’ या ‘हत्या’, क्या है सच्चाई?

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की गुत्थी उलझती ही जा रही है. उनकी मौत के बाद से लगातार कई तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा जिक्र एक इंजेक्शन का किया गया है.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: 2026-01-30 13:15:19

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Sadhvi Prem Baisa News: जोधपुर की साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमय मौत ने पूरे राजस्थान को हिला दिया है. 25 वर्षीय युवा साध्वी, जो अपने कथावाचन और भजनों के लिए हजारों भक्तों को आकर्षित करती थीं, की 28 जनवरी 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी और उसके बाद से उनके मौत की गुत्थी उलझती ही जा रही है. 
उनकी मौत के बाद से लगातार कई तरह के तथ्य सामने आ रहे हैं, जिनमें सबसे ज्यादा जिक्र एक इंजेक्शन का किया गया है. ऐसा कहा जा रहा है कि गलत इंजेक्शन की वजह से उनकी मौत हुई है. कहानी में मोड़ तब आया जब उनकी मृत्यु के 4-5 घंटे बाद एक इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हुआ.

घटना का सिलसिलेवार विवरण

साध्वी पिछले दो दिनों से मामूली बीमार चल रही थीं. 28 जनवरी की शाम को आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाकर उन्हें इंजेक्शन लगाया गया, जिसके तुरंत बाद उनकी हालत बिगड़ने लगी. उनके हाथ-पैर ढीले पड़ गए और उन्हें प्रैक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ब्रॉट डेड घोषित कर दिया. ब्रॉट डेड  का मतलब है कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गयी थी. 
आश्रम के सेवादारों और उनके गुरु वीरमनाथ ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन शुरुआत में पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया गया. समाज के दबाव के बाद शव को अस्पताल भेजा गया, जहां मेडिकल टीम उनका पोस्टमॉर्टम कर रही है. साध्वी की मौत के बाद पुलिस ने बोरानाडा थाने में एफआईआर दर्ज की है और कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है.

सुसाइड नोट का रहस्य

मौत के लगभग तीन-चार घंटे बाद यानी शाम साढ़े पांच बजे के करीब हुई मौत के बाद रात साढ़े नौ बजे उनके इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट अपलोड हुई, जिसने लोगों को हैरान करके रख दिया. इसमें लिखा था: “मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया, दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है. आज अंतिमश्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है. मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली.” 
पोस्ट में इसके आगे लिखा था, “मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं और पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा. मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को पत्र लिखा. अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा, लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है, मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा.”
यह पोस्ट पहले वायरल वीडियो से जुड़ी अग्निपरीक्षा का जिक्र करती है, जिससे सवाल उठे कि क्या यह पूर्व-शेड्यूल्ड था या किसी ने बाद में पोस्ट किया?  साइबर पुलिस टीम सोशल मीडिया हैंडल और अकाउंट एक्सेस की जांच कर रही है. 

पुराना वायरल वीडियो कनेक्शन

इससे पहले जुलाई 2025 में साध्वी का एक प्राइवेट वीडियो वायरल हुआ था, जो 8 जनवरी 2021 का था. वीडियो में वे अपने गुरु (जिन्हें वे पिता मानती थीं) के साथ गले मिलती और गोद में उठती नजर आईं. इसके बाद से सोशल मीडिया पर उनके आचरण पर सवाल उठ रहे थे.
साध्वी ने इसे अवसाद के समय का बताया और आश्रम के जोगाराम, कृष्णा, रमेश समेत पांच लोगों पर ब्लैकमेल और वीडियो लीक का आरोप लगाकर एफआईआर दर्ज की. उन्होंने 20 लाख रुपये की वसूली की कोशिश का भी दावा किया था. वीडियो लीक के बाद से उनके कई प्रोग्राम कैंसल हो गए और वे शंकराचार्य से अग्निपरीक्षा की बात तक कह चुकी थीं.

अन्य संदिग्ध पहलू

आश्रम से सभी सीसीटीवी कैमरे हटा दिए गए हैं, जिस पर पुलिस जांच कर रही है कि क्या यह सबूत मिटाने की कोशिश है? उनके पिता वीरमनाथ ने शव को अपनी गाड़ी से आश्रम ले जाने और शिकायत न करने का रवैया अपनाया, जिसे देखकर लोगों का शक बढ़ रहा है. 
लोगों को अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे पता चलेगा कि इंजेक्शन में जहर था, दवा का रिएक्शन था या यह सुसाइड था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने में अभी 2-3 दिन का समय लगेगाा.

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