Satua Baba: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में एक आध्यात्मिक गुरु अपनी कार कलेक्शन को लेकर सुर्खियों में हैं. वाराणसी के सतुआ बाबा पीठ के प्रमुख सतुआ बाबा को इस पवित्र आयोजन में पोर्शे कार चलाते हुए देखा गया है. धार्मिक गुरु की लग्जरी गाड़ियों की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गई. बाबा को पहले 3 करोड़ रुपये की लैंड रोवर डिफेंडर चलाते हुए देखा गया था, जिससे कुछ लोगों ने उनकी आलोचना की थी.
पोर्शे के चलते वायरल हुए बाबा
उन्होंने एक टीवी चैनल से बात करते हुए अपने कलेक्शन का बचाव किया और कहा कि ये संसाधन योगियों के लिए हैं, भोगियों (ऐश-ओ-आराम करने वालों) के लिए नहीं. साथ ही बाबा ने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की भी तारीफ की और कहा कि बीजेपी नेता ने यह साबित कर दिया है कि भारत उन लोगों का है जो सनातन धर्म का पालन करते हैं और संविधान का सम्मान करते हैं. समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए सतुआ बाबा ने कहा, “एक समय था जब सत्ता में रहते हुए प्राइवेट प्लेन में नाचने-गाने वालों को बुलाया जाता था. आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री मोदी का युग है, जब पूरे देश और दुनिया में सनातन धर्म का जश्न मनाया जा रहा है.”
सतुआ बाबा का कार कलेक्शन
बाबा की लग्जरी गाड़ियों ने उन्हें विवादों का केंद्र बना दिया है. लेकिन, सतुआ बाबा ने किसी भी आलोचना को खारिज कर दिया है. उन्हें पहले 3 करोड़ रुपए की लैंड रोवर डिफेंडर और फिर लगभग 4.4 करोड़ रुपये की पोर्शे टर्बो 911 चलाते हुए देखा गया. अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर पोस्ट किए गए वीडियो में सतुआ बाबा ऊंट और ट्रैक्टर की सवारी करते हुए भी दिखे हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सतुआ बाबा का असली नाम जगद्गुरु महामंडलेश्वर संतोष दास है, को माघ मेले में सबसे बड़ी ज़मीन दी गई है. बताया जाता है कि उन्होंने 11 साल की उम्र में आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए अपना परिवार छोड़ दिया था.
#WATCH | Prayagraj, Uttar Pradesh: Jagatguru Mahamandaleshwar Santosh Das, alias Satua Baba, the head of Varanasi’s Satua Baba Peeth, has become the centre of attention at the ongoing Magh Mela in Prayagraj, Uttar Pradesh, due to his collection of luxury vehicles
He says, “Not… pic.twitter.com/nfUdlE8DGy
— ANI (@ANI) January 14, 2026
वाराणसी में है सतुआ बाबा पीठ
वर्तमान में वाराणसी के सतुआ बाबा पीठ के प्रमुख, उन्हें 2012 में छठे पीठाधीश्वर ब्रह्मलीन यमुनाचार्य जी महाराज सतुआ बाबा की मृत्यु के बाद यह जिम्मेदारी दी गई थी. सतुआ बाबा को महाकुंभ 2025 में जगद्गुरु की उपाधि दी गई थी. माघ मेले में एकादशी के मौके पर हजारों लोगों ने पवित्र स्नान किया. दूसरा पवित्र स्नान 15 जनवरी को मकर संक्रांति के मौके पर प्रयागराज में होगा. प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की है. करीब 10,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और यूपी एटीएस की मोबाइल पेट्रोल टीमें इलाके की निगरानी कर रही हैं.