Congress On Sharad Pawar: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी NCP प्रमुख शरद पवार ने अडानी ग्रुप के मामले में संयुक्त संसदीय समिति यानी की JPC जांच कराने की मांग का समर्थन नहीं किया है। आज शुक्रवार, 7 अप्रैल को शरद पवार ने एक बातचीत के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बनाई गई कमेटी का स्वागत करते हुए कहा, “इसकी जांच हो रही है, ऐसे में ज्यादा उम्मीद है कि सच सामने आएगाष अदालत के फैसले के बाद जेपीसी जांच का कोई महत्व नहीं रह जाएगा।”
अडानी मामले में 19 विपक्षी दल एकजुट
कांग्रेस ने शरद पवार के इस बयान के बाद बयान जारी किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “यह उनके (शरद पवार) अपने विचार हो सकते हैं। इस मामले में 19 विपक्षी दल एकजुट हैं। हम सभी इस पूरे मामले को बेहद गंभीर मानते हैं।” इसके साथ ही उन्होंने इस बाता का भी दावा किया कि एनसीपी सहित 20 विपक्षी दल बीजेपी के खिलाफ एक साथ खड़े हैं।
ऐसा लगता है कि टारगेट किया जा रहा है- शरद पवार
शरद पवार ने एक इंटरव्यू में अडानी समूह के मामले पर कहा, “हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को इतनी महत्ता क्यों दी जा रही है? हमने इनके बारे में कभी नहीं सुना, इनका बैकग्राउंड क्या है। जब हम ऐसे मुद्दे उठाते हैं जो पूरे देश में हंगामा मचाते हैं। तो इसकी कीमत देश की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ती है। हम इन चीजों की अवहेलना नहीं कर सकते। ऐसा लगता है कि टारगेट किया जा रहा है।”
‘औद्योगिक घराने की जांच के लिए जेपीसी की मांग’
NCP प्रमुख शरद पवार ने कहा, “जेपीसी कई मुद्दों को लेकर बनाई गई। मुझे याद है कि जेपीसी एक बार कोका कोला के मामले पर बनाई गई जिसका कि मैं चेयरमैन था। ऐसा नहीं है कि पहले जेपीसी नहीं बनाई गई। जेपीसी की मांग गलत नहीं है, लेकिन मांग क्यों की गई? जेपीसी की मांग यह कहने के लिए की गई कि किसी औद्योगिक घराने की जांच होनी चाहिए।” उन्होंने कहा, “अडानी समूह के मामले में जेपीसी बनती है तो इसमें मॉनिटरिंग सरकार करेगी। तो ऐसे में सच कैसै सामने आएगा।” आपको बता दें कि अडानी ग्रुप के मामले को लेकर संसद में विपक्षी दल एकजुट होकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साध रही थी।