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1980 में बिना नागरिकता के बन गई थीं वोटर? FIR की मांग, पढ़िए सोनिया गांधी ने कोर्ट में क्या जवाब दिया

Sonia Gandhi Citizenship: सोनिया गांधी की नागरिकता और वोटर लिस्ट विवाद में नया मोड़! राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी ने अपना जवाब दाखिल किया है. क्या है 1980 के दस्तावेजों का पूरा सच? जानें.

Written By: Shivani Singh
Last Updated: 2026-02-07 12:44:45

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Sonia Gandhi: कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने बिना नागरिकता हासिल किए वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल होने के मामले में कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया है. यह जवाब राउज़ एवेन्यू कोर्ट में एक रिवीजन याचिका के जवाब में दाखिल किया गया. एडवोकेट विकास त्रिपाठी ने इस मामले में रिवीजन याचिका दायर की थी. सोनिया गांधी द्वारा जवाब दाखिल करने के बाद अब इस मामले की सुनवाई 21 फरवरी को होगी. सोनिया गांधी के खिलाफ बिना नागरिकता हासिल किए वोटर लिस्ट में कथित तौर पर नाम शामिल कराने के आरोप में केस दर्ज करने और जांच की मांग वाली याचिका को सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

क्या है पूरा मामला?

सोनिया गांधी के खिलाफ दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 30 अप्रैल, 1983 को नागरिकता हासिल की थी, जबकि उनका नाम 1980 की वोटर लिस्ट में शामिल था. याचिका में सवाल उठाया गया था कि 1980 की नई दिल्ली वोटर लिस्ट में उनका नाम कैसे शामिल किया गया. शिकायतकर्ता के विकास त्रिपाठी अनुसार सोनिया गांधी का नाम पहली बार 1980 में नई दिल्ली सीट की मतदाता सूची में जुड़ा. इसके बाद 1982 में उनका नाम लिस्ट से डिलीट किया गया. 1983 में उनका नाम फिर से मतदाता सूची में जोड़ा गया.विकास त्रिपाठी का तर्क है कि जब उन्होंने उस समय तक भारत की नागरिकता ही नहीं ली थी, तो उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे आया? इसी आधार पर उन्होंने पुलिस जांच और FIR दर्ज करने की मांग की है. शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उन्होंने उस समय तक भारत की नागरिकता ही नहीं ली थी, तो उनका नाम वोटर लिस्ट में कैसे आया? इसी आधार पर उन्होंने पुलिस जांच और FIR दर्ज करने की मांग की है.

कोर्ट में सोनिया गांधी ने क्या जवाब दिया?

सोनिया गांधी ने अब इस मामले में अपना लिखित जवाब अदालत में दाखिल किया है. उन्होंने याचिका को पूरी तरह से निराधार बताते हुए इसे खारिज करने की मांग की है. उनका कहना है कि यह याचिका केवल परेशान करने और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से डाली गई है.

अब तक की कानूनी कार्यवाही

यह मामला सत्र न्यायालय (Sessions Court) तक पहुंचने से पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट में था. सितंबर 2025 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने विकास त्रिपाठी की शिकायत को खारिज कर दिया था. मजिस्ट्रेट कोर्ट के इसी फैसले को शिकायतकर्ता ने राउज एवेन्यू सेशंस कोर्ट में चुनौती दी है और FIR ककी मांग की है. अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को तय की है.

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