Restaurant Service Charge: बाहर खाना खाना एक महंगा शौक बनता जा रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि खाने के बिल के नाम पर आपकी जेब भी काटी जा रही है? अक्सर, रेस्टोरेंट चुपके से बिल में ‘सर्विस चार्ज. जोड़ देते हैं, और ग्राहक यह मानकर इसे चुका देते हैं कि यह ज़रूरी है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो सावधान हो जाइए. सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने अब ऐसे रेस्टोरेंट पर कार्रवाई शुरू कर दी है. हम अक्सर रेस्टोरेंट में खाने के बाद बिल देखना भूल जाते हैं. खाने की कीमत और GST के अलावा, बिल में “सर्विस चार्ज” का कॉलम भी होता है. ताज़ा मामले में, CCPA ने देश भर के 27 रेस्टोरेंट पर ग्राहकों से ज़बरदस्ती सर्विस चार्ज वसूलने के लिए जुर्माना लगाया है. उन पर ₹50,000 तक का जुर्माना लगाया गया है और वसूले गए पैसे वापस करने का आदेश दिया गया है.
CCPA की गाइडलाइंस क्या हैं?
कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019 के तहत, सर्विस चार्ज को ज़रूरी बनाना एक “गलत व्यापार प्रैक्टिस” है. CCPA ने 4 जुलाई, 2022 को साफ़ गाइडलाइंस जारी की थीं, जिन्हें मार्च 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट ने भी सही ठहराया था.
5 पॉइंट्स में अपने अधिकार समझें
- कोई भी होटल या रेस्टोरेंट बिल में ऑटोमैटिकली या ‘बाय डिफ़ॉल्ट’ सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकता.
- किसी दूसरे नाम से सर्विस चार्ज लेना पूरी तरह से मना है.
- रेस्टोरेंट को कस्टमर्स को साफ़ तौर पर बताना होगा कि सर्विस चार्ज अपनी मर्ज़ी से है.
- अगर आप सर्विस चार्ज देने से मना करते हैं, तो रेस्टोरेंट आपको एंट्री या सर्विस देने से मना नहीं कर सकता.
- अगर कोई रेस्टोरेंट ज़बरदस्ती पेमेंट मांगता है, तो आप नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (1930) पर शिकायत कर सकते हैं.
27 रेस्टोरेंट के खिलाफ़ कार्रवाई, जुर्माना लगाया गया
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने देश भर के 27 रेस्टोरेंट के खिलाफ़ खुद से कार्रवाई की है. यह कार्रवाई सरकारी हेल्पलाइन नंबर और बिलों पर मिली शिकायतों की जांच के बाद की गई. जांच में पाया गया कि पटना में कैफे ब्लू बॉटल और मुंबई में चाइना गेट रेस्टोरेंट (बोरा बोरा) जैसी जगहें अपने बिल में सीधे 10% सर्विस चार्ज जोड़ रही थीं.