क्या है पूरा मामला?
क्या है केंद्र सरकार की दलील?
SG मेहता ने आगे कहा कि लद्दाख एक संवेदनशील केंद्र शासित प्रदेश है, जो कि अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है और सेना की सप्लाई चेन के लिए बेहद अहम है. ऐसे क्षेत्र में दिए गए भाषण, जो अलगाव या जनमत संग्रह जैसे विचारों को बढ़ावा देते हों, सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है.
‘जनमत संग्रह की मांग देशविरोधी’- SG मेहता
SG मेहता ने जनमत संग्रह और प्लेबिसाइट की मांग को पूरी तरह से देशविरोधी करार दिया उन्होंने अदालत में कहा कि अगर यह मामला NSA के तहत हिरासत का नहीं है, तो फिर कोई भी मामला NSA के दायरे में नहीं आएगा. वांगचुक के कुछ भाषणों में नेपाल जैसी स्थिती पैदा करने के संकेत थे और महात्मा गांधी का हवाला केवल दिखावे के लिए ही था. जबकि, वास्तविकता केवल हिंसा और अस्थिरता को हवा देने की थी.