TCS Cut in Union Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया. इस दौरान उन्होंने विदेशी रेमिटेंस पर सोर्स पर टैक्स कलेक्शन (TCS) में बड़ी कटौती की घोषणा की. इससे विदेशी टूर पैकेज के साथ ही शिक्षा और मेडिकल इस्तेमाल के लिए दरें 5 फीसदी और 20 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दी गईं. सरकार के इस कदम का मकसद है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और विदेश में शिक्षा या स्वास्थ्य खर्चों के लिए फंडिंग करने वाले परिवारों के लिए शुरुआती लागत को कम किया जा सके और कैश फ्लो के बोझ को कम किया जा सकता है.
TCS में क्या की गई कटौती?
वित्त मंत्री ने विदेशी यात्रा और शिक्षा के लिए टीसीएस दरों में भारी कमी है. अब तक विदेशी टूर पैकेज पर 5 फीसदी और 20 फीसदी की दर से टीसीएस लगता था, जिसे अब घटाकर फ्लैट 2 फीसदी कर दिया गया है. पहले लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम के तहत विदेश जाकर शिक्षा और इलाज के लिए पैसा भेजने पर टीसीएस को 5 फीसदी था. इसे अब घटाकर 2 फीसदी कर दिया गया है. वहीं विदेशी टूर पैकेज के लिए अब कोई न्यूनतम राशि नहीं लागू होगी, ये अब फ्लैट 2 फीसदी रहेगी. टीसीएस के ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हों जाएंगे.
क्या है टीसीएस?
टीसीएस का अर्थ है ‘टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स’ एक प्रकार का एडवांस टैक्स होता है. ये टैक्स विक्रेता, खरीदार से सामान या सर्विस देते समय वसूलता है. इसके बाद इसे सरकार के पास जमा किया जाता है. बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल विदेशी प्रेषण और विदेश यात्रा पैकेज पर टैक्स को कम करने के लिए टीसीेस शब्द का इस्तेमाल किया गया है.
आम आदमी को क्या होगा फायदा?
टीसीएस कटौती से आम आदमी को काफी फायदे होंगे. इस नियम के आने से विदेश में यात्रा करने वाले लोग होटल, रहने और यात्रा की बुकिंग सस्ती होगी. इसके साथ ही विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और वहां जाकर इलाज कराने वाले लोगों को कम टैक्स देना होगा. इससे शुरुआती कैश आउटगो कम हो जाएगा.