Live
Search
Home > देश > पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने दी बड़ी राहत, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं होगा परिवर्तन, जनहित में लिया गया फैसला

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने दी बड़ी राहत, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं होगा परिवर्तन, जनहित में लिया गया फैसला

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वैश्विक पेट्रोलियम कीमतों में पिछले एक महीने में 100% तक की बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत दी है.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: April 1, 2026 12:30:35 IST

Mobile Ads 1x1

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली में ये कीमतें क्रमशः 94.77 रुपये प्रति लीटर और 87.67 रुपये प्रति लीटर बरकरार हैं. 

वैश्विक पेट्रोलियम कीमतों में पिछले एक महीने में 100% तक की बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत दी है. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की अफवाह के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जनता को स्पष्ट जानकारी दी है.

PSU OMCs पर भारी नुकसान

मंत्रालय के अनुसार, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (PSU OMCs) को 1 अप्रैल 2026 तक रेगुलर पेट्रोल पर 24.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर का अंडर-रिकवरी नुकसान हो रहा है. दुनिया के अन्य देशों में ईंधन कीमतें 30-50% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि भारत में स्थिरता बनी हुई है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर जानकारी देते हुए का, “हाल ही में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी केवल प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट्स; XP95, Power95, Speed जैसे हाई-ऑक्टेन परफॉर्मेंस उत्पादों पर लागू हुई है. इनकी कीमतें हर दो हफ्तों में समायोजित होती हैं. कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी मात्र 2% से 5% है, और वाहन चालक अपनी पसंद से इन्हें अधिक कीमत पर खरीदते हैं. रेगुलर पेट्रोल-डीजल हर पंप पर पुरानी दरों पर उपलब्ध रहेंगे।”

उपभोक्ताओं के लिए राहत

यह नीति आम जनता के हित में है, क्योंकि अधिकांश वाहन रेगुलर ईंधन पर चलते हैं. सरकार ने वैश्विक संकट के समय उपभोक्ता बोझ कम रखने को प्राथमिकता दी है. OMCs को होने वाला नुकसान राष्ट्रीय हित में है.

वैश्विक बाजार में तेल कीमतों के दोगुने होने से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ा है. फिर भी, स्थिर कीमतें महंगाई नियंत्रण में मदद करेंगी. प्रीमियम फ्यूल के उपयोगकर्ता, जो संख्या में कम हैं, ही इस नीति से प्रभावित हुए हैं. यह संतुलित दृष्टिकोण लंबे समय तक ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.

MORE NEWS

Home > देश > पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने दी बड़ी राहत, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में नहीं होगा परिवर्तन, जनहित में लिया गया फैसला

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: April 1, 2026 12:30:35 IST

Mobile Ads 1x1

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रेगुलर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली में ये कीमतें क्रमशः 94.77 रुपये प्रति लीटर और 87.67 रुपये प्रति लीटर बरकरार हैं. 

वैश्विक पेट्रोलियम कीमतों में पिछले एक महीने में 100% तक की बढ़ोतरी के बावजूद सरकार ने आम उपभोक्ताओं को राहत दी है. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों की अफवाह के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जनता को स्पष्ट जानकारी दी है.

PSU OMCs पर भारी नुकसान

मंत्रालय के अनुसार, पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (PSU OMCs) को 1 अप्रैल 2026 तक रेगुलर पेट्रोल पर 24.40 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 104.99 रुपये प्रति लीटर का अंडर-रिकवरी नुकसान हो रहा है. दुनिया के अन्य देशों में ईंधन कीमतें 30-50% तक बढ़ चुकी हैं, जबकि भारत में स्थिरता बनी हुई है.

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर जानकारी देते हुए का, “हाल ही में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी केवल प्रीमियम पेट्रोल वेरिएंट्स; XP95, Power95, Speed जैसे हाई-ऑक्टेन परफॉर्मेंस उत्पादों पर लागू हुई है. इनकी कीमतें हर दो हफ्तों में समायोजित होती हैं. कुल बिक्री में इनकी हिस्सेदारी मात्र 2% से 5% है, और वाहन चालक अपनी पसंद से इन्हें अधिक कीमत पर खरीदते हैं. रेगुलर पेट्रोल-डीजल हर पंप पर पुरानी दरों पर उपलब्ध रहेंगे।”

उपभोक्ताओं के लिए राहत

यह नीति आम जनता के हित में है, क्योंकि अधिकांश वाहन रेगुलर ईंधन पर चलते हैं. सरकार ने वैश्विक संकट के समय उपभोक्ता बोझ कम रखने को प्राथमिकता दी है. OMCs को होने वाला नुकसान राष्ट्रीय हित में है.

वैश्विक बाजार में तेल कीमतों के दोगुने होने से भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर दबाव बढ़ा है. फिर भी, स्थिर कीमतें महंगाई नियंत्रण में मदद करेंगी. प्रीमियम फ्यूल के उपयोगकर्ता, जो संख्या में कम हैं, ही इस नीति से प्रभावित हुए हैं. यह संतुलित दृष्टिकोण लंबे समय तक ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.

MORE NEWS