13
Tirupati Prasadam Case: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तिरुपति बालाजी मंदिर के लड्डू मिलावट मामले में सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका खारिज कर दी है. दरअसल कोर्ट ने SIT जांच के साथ-साथ प्रशासनिक जांच जारी रखने की अनुमति दी है, जिसपर सुब्रमण्यम स्वामी ने समानांतर राज्य जांच का विरोध किया था और ओवरलैप और हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया था. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि इस मामले में चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने क्या कहा.
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों जांच एक साथ चल सकती हैं. साथ ही यह भी कहा कि दोनों जांच का दायरा अलग-अलग है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच के लिए SIT बनाई है, जो अभी जांच में है.
आंध्र सरकार ने कोर्ट में क्या कहा?
स्वामी की याचिका के बारे में आंध्र प्रदेश सरकार के वकील ने कहा कि याचिका सिर्फ डिपार्टमेंट की कार्रवाई को रोकने के लिए दायर की गई थी. याचिका पूरी तरह से गलत इरादे से दायर की गई थी.
एडमिनिस्ट्रेटिव जांच ओवरलैप नहीं होतीं- CJI
इस मामले में, CJI सूर्यकांत ने कहा कि उनकी चिंता यह है कि कोई ओवरलैप न हो. मामला अभी भी विचाराधीन है. इस बीच, राज्य सरकार ने भी एक एडमिनिस्ट्रेटिव जांच का आदेश दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चूक किस तरह की है, इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है और इसके क्या नतीजे होंगे. हमारी राय में, एडमिनिस्ट्रेटिव जांच कोर्ट के आदेश वाली जांच से ओवरलैप नहीं होती है.