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कंटेंट क्रिएशन के लिए खुलेगी लैब, मेडिकल और AI शिक्षा को बढ़ावा, जानें बजट में शिक्षा के लिए क्या है खास?

निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं हैं. इस बजट में स्किल डेवलपमेंट से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना तक कई नए प्रावधान किये गए हैं.

Written By: Shivangi Shukla
Last Updated: February 1, 2026 12:55:19 IST

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Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं. यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो विकास गति बनाए रखने, राजकोषीय अनुशासन और वैश्विक चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित है.
इस बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हुई हैं, आइये जानते हैं वो क्या हैं?

शिक्षा क्षेत्र की प्रमुख घोषणाएं

बजट में शिक्षा को मजबूत बनाने और मेडिकल छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है. इसके अलावा, तीन नए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER) खोले जाएंगे और सात मौजूदा NIPER को अपग्रेड किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप भी स्थापित होंगी, जो उच्च शिक्षा को बढ़ावा देंगी. 
बजट में लड़कियों की शिक्षा के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है. हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल की स्थापना होगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों की शिक्षा आसान बनेगी. साथ ही आयुर्वेद पर विशेष फोकस के साथ पांच नए आयुर्वेद संस्थान बनाए जाएंगे.
बजट में वर्तमान समय के हिसाब से स्किल डेवेलपमेंट का प्रावधान भी किया गया है. बता दें कि 15,000 सेकंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब शुरू की जाएंगी, जो एनिमेशन, VFX, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर को प्रोत्साहित करेंगी.

मेडिकल क्षेत्र और AI शिक्षा पर जोर 

इस बार बजट में बायो-फार्मा शक्ति योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर भारत को ग्लोबल बायो-फार्मा हब बनाया जाएगा.बजट में AI एप्लीकेशन्स और युवा शक्ति पर जोर दिया गया है. इसके साथ ही वेटरनरी प्रोफेशनल्स की संख्या 20,000 तक बढ़ाने के लिए कॉलेज बनेंगे. टियर-2/3 शहरों में CA, CS, CMA संस्थानों को प्रोफेशनल सपोर्ट देकर कॉर्पोरेट मित्र तैयार किए जाएंगे.
उल्लेखनीय है कि ये घोषणाएं नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) के अनुरूप हैं, जो GDP का 6% शिक्षा पर खर्च करने का लक्ष्य रखती हैं. छात्रों, स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों को नई सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही स्किल डेवेलपमेंट के विकास पर ध्यान दिया जायेगा. इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. 

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