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Union Budget 2026: हलवा सेरेमनी से शुरू होती है ‘बजट प्रक्रिया’-क्या है इसका असली मतलब और क्यों होता है लॉक-इन?

Union Budget 2026: हलवा सेरेमनी बजट तैयार होने के अंतिम चरण की शुरुआत होती है. इस दिन वित्त मंत्री अधिकारियों को हलवा खिलाती हैं और बजट के फैसले लगभग फाइनल हो जाते हैं. इसके बाद बजट तैयार करने वाले अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में लॉक-इन रहते हैं ताकि जानकारी लीक न हो. यह परंपरा 1950 में बजट लीक के बाद शुरू हुई थी. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 22, 2026 13:52:01 IST

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Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त वर्ष 2026-27 का यूनियन बजट 1 फरवरी 2026 (रविवार) को संसद में पेश किया जाएगा. बजट से कुछ दिन पहले वित्त मंत्रालय में एक अहम लेकिन कम दिखने वाली परंपरा निभाई जाती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है. यह सेरेमनी इस बात का संकेत होती है कि बजट अब अपने अंतिम और सबसे गोपनीय चरण में पहुंच चुका है.

हर साल होने वाली इस परंपरा में बजट तैयार करने से जुड़े अधिकारियों को हलवा खिलाया जाता है. इसके साथ ही यह तय माना जाता है कि बजट से जुड़े बड़े फैसले, आंकड़े और खर्च की योजनाएं अब लगभग फाइनल हो चुकी हैं.

क्या है हलवा सेरेमनी?

हलवा सेरेमनी वित्त मंत्रालय की एक पुरानी परंपरा है, जो यह बताती है कि अब यूनियन बजट की फाइनल प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. यह कार्यक्रम आमतौर पर बजट पेश होने से 8–10 दिन पहले होता है.इस दौरान वित्त मंत्री एक बड़ी कढ़ाही में बने हलवे को चलाती हैं और फिर यह हलवा बजट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में बांटा जाता है. यह उनकी मेहनत और योगदान के सम्मान का प्रतीक होता है.

हलवा सेरेमनी का महत्व

  • हलवा सेरेमनी के बाद बजट की तैयारियां अंतिम रूप ले लेती हैं.
  •  सेरेमनी के बाद बजट से जुड़े अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में लॉक-इन हो जाते हैं.
  •  किसी भी शुभ काम की शुरुआत मीठे से करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है. हलवा सेरेमनी भी इसी परंपरा को दर्शाती है.
  •   इस सेरेमनी के बाद बजट को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं और लोगों की नजरें सरकार की आर्थिक योजनाओं पर टिक जाती हैं.

 क्या होता है लॉक-इन पीरियड?

हलवा सेरेमनी के तुरंत बाद शुरू होने वाला समय लॉक-इन पीरियड कहलाता है. इसमें बजट से जुड़े अधिकारी तब तक नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं, जब तक बजट संसद में पेश नहीं हो जाता.इस नियम का मकसद यह है कि बजट से जुड़ी कोई भी जानकारी पहले बाहर न जाए. यह परंपरा 1950 में हुए बजट लीक के बाद शुरू की गई थी.

क्यों खास है हलवा सेरेमनी?

हलवा सेरेमनी परंपरा, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है. यह बताती है कि देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला बजट अब पूरी तरह तैयार है और जल्द ही देश के सामने पेश किया जाएगा.

2026 की हलवा सेरेमनी कब होगी?

इस साल बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाना है, इसलिए हलवा सेरेमनी संभावित रूप से 20 से 24 जनवरी 2026 के बीच नॉर्थ ब्लॉक में होगी.इस सेरेमनी के बाद बजट तैयार करने वाले अधिकारी  लॉक-इन में चले जाएंगे.

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Union Budget 2026: हलवा सेरेमनी से शुरू होती है ‘बजट प्रक्रिया’-क्या है इसका असली मतलब और क्यों होता है लॉक-इन?

Union Budget 2026: हलवा सेरेमनी बजट तैयार होने के अंतिम चरण की शुरुआत होती है. इस दिन वित्त मंत्री अधिकारियों को हलवा खिलाती हैं और बजट के फैसले लगभग फाइनल हो जाते हैं. इसके बाद बजट तैयार करने वाले अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में लॉक-इन रहते हैं ताकि जानकारी लीक न हो. यह परंपरा 1950 में बजट लीक के बाद शुरू हुई थी. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

Written By: Shivashakti narayan singh
Last Updated: January 22, 2026 13:52:01 IST

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Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त वर्ष 2026-27 का यूनियन बजट 1 फरवरी 2026 (रविवार) को संसद में पेश किया जाएगा. बजट से कुछ दिन पहले वित्त मंत्रालय में एक अहम लेकिन कम दिखने वाली परंपरा निभाई जाती है, जिसे हलवा सेरेमनी कहा जाता है. यह सेरेमनी इस बात का संकेत होती है कि बजट अब अपने अंतिम और सबसे गोपनीय चरण में पहुंच चुका है.

हर साल होने वाली इस परंपरा में बजट तैयार करने से जुड़े अधिकारियों को हलवा खिलाया जाता है. इसके साथ ही यह तय माना जाता है कि बजट से जुड़े बड़े फैसले, आंकड़े और खर्च की योजनाएं अब लगभग फाइनल हो चुकी हैं.

क्या है हलवा सेरेमनी?

हलवा सेरेमनी वित्त मंत्रालय की एक पुरानी परंपरा है, जो यह बताती है कि अब यूनियन बजट की फाइनल प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. यह कार्यक्रम आमतौर पर बजट पेश होने से 8–10 दिन पहले होता है.इस दौरान वित्त मंत्री एक बड़ी कढ़ाही में बने हलवे को चलाती हैं और फिर यह हलवा बजट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में बांटा जाता है. यह उनकी मेहनत और योगदान के सम्मान का प्रतीक होता है.

हलवा सेरेमनी का महत्व

  • हलवा सेरेमनी के बाद बजट की तैयारियां अंतिम रूप ले लेती हैं.
  •  सेरेमनी के बाद बजट से जुड़े अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में लॉक-इन हो जाते हैं.
  •  किसी भी शुभ काम की शुरुआत मीठे से करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है. हलवा सेरेमनी भी इसी परंपरा को दर्शाती है.
  •   इस सेरेमनी के बाद बजट को लेकर चर्चाएं तेज हो जाती हैं और लोगों की नजरें सरकार की आर्थिक योजनाओं पर टिक जाती हैं.

 क्या होता है लॉक-इन पीरियड?

हलवा सेरेमनी के तुरंत बाद शुरू होने वाला समय लॉक-इन पीरियड कहलाता है. इसमें बजट से जुड़े अधिकारी तब तक नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं, जब तक बजट संसद में पेश नहीं हो जाता.इस नियम का मकसद यह है कि बजट से जुड़ी कोई भी जानकारी पहले बाहर न जाए. यह परंपरा 1950 में हुए बजट लीक के बाद शुरू की गई थी.

क्यों खास है हलवा सेरेमनी?

हलवा सेरेमनी परंपरा, अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक है. यह बताती है कि देश की आर्थिक दिशा तय करने वाला बजट अब पूरी तरह तैयार है और जल्द ही देश के सामने पेश किया जाएगा.

2026 की हलवा सेरेमनी कब होगी?

इस साल बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाना है, इसलिए हलवा सेरेमनी संभावित रूप से 20 से 24 जनवरी 2026 के बीच नॉर्थ ब्लॉक में होगी.इस सेरेमनी के बाद बजट तैयार करने वाले अधिकारी  लॉक-इन में चले जाएंगे.

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