Budget 2026 Inland Waterways: केंद्रीय बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में देश के जलमार्गों की तस्वीर बदलने के लिए बड़े कदम उठाने की बात कही है, जिसके तहत अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास का लक्ष्य रखा गया है. लॉजिस्टिक लागत घटाने और जल-परिवहन को मजबूत करने के लिए वाराणसी और पटना में जहाज मरम्मत का बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा, साथ ही तटीय शिपिंग की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक नई कोस्टल कार्गो स्कीम की घोषणा की गई है. इसके अतिरिक्त, कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई उड़ान देने के लिए भारत में ही सी-प्लेन के निर्माण को विशेष सरकारी प्रोत्साहन और सहायता दी जाएगी.
5 साल में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि अगले पांच वर्षों के भीतर देश में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ओडिशा के नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो तालचेर और अंगुल जैसे खनिज समृद्ध क्षेत्रों को पारादीप और धमरा बंदरगाहों से जोड़ेगा.
वाराणसी और पटना बनेंगे ‘शिप रिपेयर हब’
उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी देते हुए, सरकार ने वाराणसी और पटना में एक व्यापक शिप-रिपेयर इकोसिस्टम (जहाज मरम्मत प्रणाली) विकसित करने का प्रस्ताव रखा है. अब गंगा नदी के माध्यम से चलने वाले जहाजों की मरम्मत और रखरखाव इन्हीं शहरों में हो सकेगा, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार भी बढ़ेगा.
तटीय कार्गो योजना
समुद्री व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक नई तटीय कार्गो योजना शुरू की जाएगी। यह योजना तटीय शिपिंग (Coastal Shipping) और अंतर्देशीय जलमार्गों के माध्यम से माल की आवाजाही का सस्ता और भी आसान बनाएगा.
भारत में बनेंगे ‘सी-प्लेन’ (Sea Planes)
हवाई और जल संपर्क को एक साथ जोड़ने के लिए सरकार ने भारत में सी-प्लेन के निर्माण (Manufacturing) को समर्थन देने का एलान किया है. इसके लिए VGF (Viability Gap Funding) योजना भी लाई जाएगी, ताकि पर्यटन और दुर्गम इलाकों में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा सके.(Sea Plane Manufacturing India)