Union Budget 2026: बजट 2026 में केंद्र सरकार ने संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई अहम घोषणाएं की हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में देश की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों के पुनर्जीवन पर खास ध्यान दिया. सरकार का उद्देश्य इन स्थलों को केवल धार्मिक या ऐतिहासिक महत्व तक सीमित न रखकर उन्हें सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना है.
वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार देशभर में सारनाथ, हस्तिनापुर सहित 15 प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को विकसित कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस सांस्कृतिक केंद्रों में बदलेगी. इन स्थानों पर पर्यटकों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सूचना केंद्र, संग्रहालय और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था की जाएगी. इससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
डिजिटल नॉलेज ग्रिड से जुड़ेगी देश की विरासत
बजट में ‘डिजिटल नॉलेज ग्रिड’ बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है. इसके तहत देश के प्रमुख ऐतिहासिक और विरासत स्थलों से जुड़ी जानकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एकत्र किया जाएगा. इसमें प्राचीन ग्रंथ, शिलालेख, इतिहास, कला और संस्कृति से जुड़ा डेटा शामिल होगा. इससे छात्रों, शोधकर्ताओं और आम लोगों को भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने में आसानी होगी.
स्थानीय शोधकर्ताओं और इतिहासकारों को मिलेगी नई भूमिका
सरकार की इस योजना में स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और तकनीकी विशेषज्ञों को भी अहम भूमिका दी जाएगी. इनके सहयोग से ऐतिहासिक तथ्यों का सही दस्तावेजीकरण किया जाएगा और आधुनिक तकनीक के जरिए इन्हें आम जनता तक पहुंचाया जाएगा. इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी, बल्कि क्षेत्रीय इतिहास को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थान मिलेगा.
पर्यटन और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
इन ऐतिहासिक स्थलों के आसपास पर्यटन और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को विकसित करने की योजना है. होटल, गाइड सेवाएं, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और छोटे शहरों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और लोगों की आय में भी वृद्धि होगी.
खेलो इंडिया मिशन से युवाओं को मिलेगा लाभ
बजट 2026 में ‘खेलो इंडिया मिशन’ को भी मजबूती देने का प्रावधान किया गया है. इसका उद्देश्य खेलों को जमीनी स्तर तक पहुंचाना और युवाओं को खेल के जरिए रोजगार व करियर के अवसर प्रदान करना है. सरकार का मानना है कि खेलों को बढ़ावा देने से न सिर्फ स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि अनुशासन और आत्मनिर्भरता भी बढ़ेगी.