What Is Ayush: आयुष (AYUSH) का पूरा नाम है ‘Ayurveda, Yoga & Naturopathy, Unani, Siddha और Homoeopathy, ये सभी भारत की प्राचीन पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियां हैं, जिनका उद्देश्य शरीर को संतुलन, समग्र स्वास्थ्य और रोग‑प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करना है. आज लोग न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में स्वस्थ जीवनशैली और वैकल्पिक चिकित्सा के लिए इन प्रणालियों की ओर आकर्षित हो रहे हैं.
सरकार का मानना है कि पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों को समग्र स्वास्थ्य सेवा में शामिल करना आवश्यक है, ताकि लोगों को बीमारी से पहले रोकथाम और जीवनशैली आधारित देखभाल मिल सके. इसीलिए बजट में AYUSH को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं और निवेश की घोषणा की गई है.
बजट 2026 में AYUSH को मिला बड़ा समर्थन
केंद्रीय बजट 2026‑27 में AYUSH मंत्रालय को कुल ₹4,408 करोड़ से अधिक का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 प्रतिशत से ज्यादा है. इसके पीछे सरकार का लक्ष्य पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवा का हिस्सा बनाना और उन्हें राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना में एकीकृत करना है. फिनांस मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि इस निवेश से AYUSH शिक्षा, अनुसंधान और चिकित्सा सेवाओ को मजबूत किया जाएगा. बजट ने कुछ प्रमुख घोषणाएं भी की हैं जैसी कि:
परंपरागत चिकित्सा संस्थानों का विस्तार
बजट में तीन नए ‘All India Institutes of Ayurveda’ की स्थापना का प्रस्ताव है, जिससे आयुर्वेद शिक्षा, शोध और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवा में सुधार होगा. इसके अलावा, पारंपरिक दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण के लिए AYUSH फार्मेसियां भी शामिल है.
इंटीग्रेटेड मेडिकल हब और रोजगार
सरकार ने पांच Regional AYUSH Medical Hubs की योजना भी पेश की है, जहां आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ AYUSH सेवाओं को जोड़ा जाएगा. ये हब न सिर्फ बेहतर मरीज देखभाल करेंगे, बल्कि डॉक्टर्स, थेरेपिस्ट, योग प्रशिक्षकों और हेल्थ वर्कर्स के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगे.
पारंपरिक चिकित्सा के फायदे और भविष्य
वित्त मंत्री की ओर से दिए गए संकेतों के मुताबिक, पारंपरिक चिकित्सा न सिर्फ बीमारी से लड़ने में मदद करती है, बल्कि रोगों की रोकथाम, जीवनशैली सुधार और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. सरकार की इस पहल से पारंपरिक चिकित्सा को वैज्ञानिक और प्रमाण‑आधारित तरीके से अपनाया जाएगा, जिससे रोगियों का भरोसा बढ़ेगा और चिकित्सा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. कुल मिलाकर, Union Budget 2026 में AYUSH को फोकस देने का उद्देश्य यह है कि भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को एकीकृत स्वास्थ्य सेवा का हिस्सा बनाया जाए, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा का प्रसार हो सके और भारत को वैश्विक हेल्थकेयर हब के रूप में स्थापित किया जा सके.