Union Cabinet Decisions: केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार (24 फरवरी, 2026) को कई इंफ्रास्ट्रक्चर और पॉलिसी से जुड़े फैसलों को मंज़ूरी दी है, जिसमें रेलवे, शहरी ट्रांसपोर्ट और एविएशन में बड़े इन्वेस्टमेंट शामिल हैं, जिनका कुल फाइनेंशियल खर्च करीब 12,236 करोड़ रुपये है. इसके अलावा, कैबिनेट ने पावर सेक्टर में सुधारों पर पॉलिसी से जुड़े फैसले लिए और केरल का नाम बदलकर केरलम करने को मंज़ूरी दी.
कैबिनेट के फैसले की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जरूरी मंजूरियों में कैबिनेट ने 5,236 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के डबलिंग को मंजूरी दी. इसने पुनारख और किउल के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी, जिसमें 2,668 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है.
किन प्रस्तावों को मिली मंजूरी?
रेल से जुड़े एक और फैसले में कैबिनेट ने गम्हरिया और चांडिल के बीच तीसरी और चौथी लाइन बनाने को मंजूरी दी, जिसकी प्रोजेक्ट लागत 1,168 करोड़ रुपये है. एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देते हुए कैबिनेट ने श्रीनगर में एक नए इंटीग्रेटेड एयरपोर्ट टर्मिनल को मंजूरी दी, जिस पर 1,667 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. कैबिनेट ने अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के फेज 2B के एक्सटेंशन को भी मंज़ूरी दी, जिसमें शहरी कनेक्टिविटी को मज़बूत करने के लिए 1,067 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.
Union Cabinet approves the proposal for alteration of name of State of ‘Kerala’ as ‘Keralam’ pic.twitter.com/uVydvy5fFl
— ANI (@ANI) February 24, 2026
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सेवा तीर्थ में हुई पहली कैबिनेट मीटिंग
इसके अलावा, कैबिनेट ने कच्चे जूट के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) को मंजूरी दी, जिसमें 430 करोड़ रुपये का फाइनेंशियल असर शामिल है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यह केंद्रीय कैबिनेट की पहली मीटिंग थी जो नए प्रधानमंत्री कार्यालय, ‘सेवा तीर्थ’ में हुई. वैष्णव ने कहा कि यह मीटिंग और यह बिल्डिंग नए भारत के पुनर्निर्माण की सीधी अभिव्यक्ति है. इस शुभ शुरुआत के साथ हम उस भविष्य का स्वागत करते हैं, जिसकी नींव सदियों की मेहनत से रखी गई है.
इसके अलावा, उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इस मौके पर हम इस जगह के इतिहास को भी याद करते हैं. ब्रिटिश काल के तत्कालीन बैरक की जगह पर ‘सेवा तीर्थ’ बनाया गया है. उस जगह पर नेशनल गवर्नेंस की एक एक्टिव संस्था की स्थापना भी न्यू इंडिया के बदलाव का प्रतीक है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि यूनियन कैबिनेट ने फिर से ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प के लिए खुद को समर्पित कर दिया है. यह एक लंबे समय की नेशनल यात्रा है, जिसमें आज लिए गए फैसले आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेंगे.