Health Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी को 2026-27 का बजट पेश करने वाली हैं. ऐसे में देश का हेल्थकेयर सिस्टम भी इस बजट से कई सारी उम्मीदें लगाए बैठा है. स्वास्थ्य क्षेत्र पर होने वाले खर्च में बढ़ोतरी से लेकर कुछ खास स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए फंड तक, देश के मेडिकल सिस्टम को और मजबूत करने से लेकर गंभीर बीमारियों के इलाज को सस्ता और आसान बनाने की योजनाओं तक, पूरे देश को इस बजट से कई उम्मीदें हैं. इसके अलावा, प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी देश में बढ़ते मोटापे की समस्या को लेकर लगातार चिंता जताते रहे हैं. मोटापे की रोकथाम और इससे होने वाली बीमारियों की रोकथाम की दिशा में भी किसी फैसले की उम्मीद की जा रही है.हाल ही में इकोनॉमिक सर्वे में भी मोटापे को लेकर बड़ी चिंता जताई गई थी.
आपको बता दें कि, ठीक एक साल पहले यानी 2025 के बजट में सरकार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय को लगभग 99,858 करोड़ रुपये आवंटित किए थे. इस बार हेल्थ विशेषज्ञों को उम्मीद है कि सरकार कुछ ऐसी घोषणाएं कर सकती है, जिससे देश के हेल्थ केयर इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूती मिलेगी. अब सवाल है कि आखिर पिछले साल हेल्थ सेक्टर की महत्वपूर्ण घोषणाएं क्या थीं? इस साल के बजट से हेल्थकेयर इंडस्ट्री के लोगों क्या उम्मीद?
पिछले बजट में हेल्थ सेक्टर की अहम घोषणाएं
- आज से ठीक एक साल पहले 1 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हेल्थ क्षेत्र को कई सौगात दी थीं.
- मखाना का उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मखाना बोर्ड बनाने, मेडिकल की यूजी और पीजी की सीटें बढ़ाने सहित कई घोषणाएं की गई थीं.
- मेडिकल की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए साल 2025 के बजट में अस्पतालों और कॉलेजों में 10,000 अतिरिक्त सीटें जोड़ने की घोषणा की थी.
- सरकार ने अगले 3 साल में सभी जिला अस्पतालों में डेकेयर कैंसर सेंटर की स्थापना की सुविधा प्रदान करने का ऐलान किया था.
- कैंसर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित रोगियों को राहत देने के लिए 36 जीवन रक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई थी.
- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) को 9,406 करोड़ का आवंटन मिला था.
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) को 37,226.92 करोड़ जबकि राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम को 79.6 करोड़ आवंटित किए थे.
बजट 2026 से लोगों को क्या-क्या उम्मीदें?
हेल्थ विशेषज्ञों की मानें तो, हेल्थ केयर इंडस्ट्री को पिछले बजंट में जरूरी दवाओं को ज्यादा किफायती बनाने और डिजिटल हेल्थ को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया था. 2047 तक ‘विकसित भारत’ लक्ष्य के लिए यूनियन बजट 2026-27 को ‘स्वस्थ भारत’ बनाने के लॉन्ग-टर्म विजन को ध्यान में रखकर तैयार किया जाना चाहिए.
सरकार से जरूरी मेडिकल टूल्स और सेवाओं पर जीएसटी कम करने की भी मांग की है. ज्यादा जेब खर्च को मैनेज करने के लिए मेडिकल डिवाइस, डायग्नोस्टिक किट पर जीएसटी कम करने की उम्मीद जताई गई है.
गंभीर बीमारियों की रोकथाम पर ध्यान
2024-25 के बजट में सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण बढ़ाने पर जोर दिया गया, ताकि महिलाओं को बीमारी से बचाया जा सके.
फिर साल 2025-26 के बजट में कैंसर की जीवन रक्षक दवाओं की सीमा शुल्क से छूट दी गई थी.
विशेषज्ञों को उम्मीद है कि इस बजट में भी कैंसर के रोकथाम और इलाज की दिशा में महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं.
मोटापे की रोकथाम और इससे होने वाली बीमारियों की रोकथाम की दिशा में भी किसी फैसले की उम्मीद की जा रही है.