Valentine’s Day 2026 Red VS Green Color: आज 14 फरवरी यानी वैलेंटाइन डे है. यह पूरा सप्ताह प्रेमियों को समर्पित होता है. इसकी शुरुआत Rose Day से होती है. यह सप्ताह प्यार की शक्ति को समर्पित है और लोगों से आग्रह करता है कि वे जिनसे प्यार करते हैं, उनके प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करें. हर वो इंसान जो किसी से बेहद प्यार करता है, वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट करना पसंद करता है. तो इस दिन वे लोग एक-दूसरे के साथ टाइम बिताते हैं. एक-दूसरे को तोहफे देते हैं, डिनर पर जाते हैं और साथ बैठकर रोमांटिक फिल्म देखते हैं. कुछ लोग लॉन्ग ड्राइव पर जाकर एकांत में भी समय बिताना पसंद करते हैं.
खैर जो भी हो, वैलेंटाइन डे पर हर तरफ ‘लाल’ रंग की अच्छी खासी भरमार हो जाती है. जगह-जगह लाल गुलाब, गिफ्ट शॉप पर लाल दिल और भी पता नहीं क्या-क्या. हम हमेशा से यही सुनते आए हैं कि लाल ही प्यार का असली रंग है. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि प्यार ‘हरा’ भी हो सकता है? आज हम प्यार के इन दो सबसे प्रभावशाली रंगों (Red Vs Green Love), यानी लाल और हरे के पीछे के मनोविज्ञान (Psychology) और उनके गहरे अर्थों को डिकोड करेंगे. यकीन मानिए, इसे पढ़ने के बाद आप अपनी लव-लाइफ को एक बिल्कुल नए नजरिए से देखने लगेंगे. तो आइए जानते हैं इन दो रंगों में छिपे रोमांस का असली मतलब-
1. लाल रंग: जब दिल जोर से धड़कने लगे (The Passionate Red)
एक रिपोर्ट कहती है कि, लाल रंग ‘आग’ यानी ऊर्जा का प्रतीक है. इसलिए जब हम किसी को पहली बार देखते हैं और वह ‘स्पार्क’ महसूस होता है, तो वह लाल रंग का प्यार है. वहीं, विज्ञान कहता है कि लाल रंग हमारी आंखों को सबसे ज्यादा उत्तेजित करता है. यह एड्रेनालिन रश और फिजिकल अट्रैक्शन को दर्शाता है. मतलब साफ है कि, अगर आपका रिश्ता अभी नया है, आप हर पल अपने पार्टनर के ख्यालों में खोए रहते हैं और मिलने की तड़प रहती है, तो आपकी मोहब्बत (इंटेंसिटी) का रंग सुर्ख लाल है. इसके साथ ही, लाल रंग यह भी याद दिलाता है कि प्यार में सब कुछ दांव पर होता है. यह उस ‘मैडनेस’ का प्रतीक है जो मजनू या हीर-रांझा की कहानियों में मिलती है.
2. हरा रंग: जहां रूह को सुकून मिले (The Healing Green)
ये सच है कि, अगर लाल रंग ‘इश्क’ है, तो हरा रंग ‘इबादत’ है. बता दें कि, आध्यात्म और मनोविज्ञान में हरा रंग हृदय चक्र (Heart Chakra) का रंग माना जाता है. हरा रंग सुकून, शांति और हीलिंग का प्रतीक है. यह उस प्यार को दर्शाता है जहां आप अपने पार्टनर को वैसे ही स्वीकार करते हैं जैसा वो है. जैसे एक बीज से पौधा बनने के लिए हरे रंग की ऊर्जा चाहिए, वैसे ही एक लंबे और टिकने वाले रिश्ते के लिए ‘हरे रंग’ की समझदारी चाहिए होती है. यह उस रिश्ते का रंग है जो समय के साथ और गहरा होता जाता है. मतलब साफ है कि, अगर आपको अपने पार्टनर के साथ बैठकर कुछ न बोलने पर भी सुकून महसूस होता है, तो समझ लीजिए आपकी जिंदगी में ‘हरे रंग’ के प्यार ने दस्तक दे दी है.
लाल या हरा रंग! आपके लिए क्या जरूरी?
वैलेंटाइन डे पर क्या हमें सिर्फ एक रंग को चुनना चाहिए? बिल्कुल नहीं! एक परफेक्ट बैलेंस ही एक खुशहाल रिश्ते की चाबी है. तो इस तरह समझें कि लाल वह चिंगारी है जो आग जलाती है. वहीं, हरा वह ईंधन है जो उस आग को सालों तक जलाए रखता है. बिना जुनून (लाल) के रिश्ता फीका और बोरिंग हो सकता है, और बिना सुकून (हरा) के रिश्ता थका देने वाला और टॉक्सिक हो सकता है.
एक सवाल खुद से- आपके रिश्ते का रंग क्या है?
इस वैलेंटाइन डे पर एक सवाल खुद से भी करना चाहिए. और वो सवाल है कि, हमारे रिश्ते का रंग क्या है? हालांकि, हमने ऊपर सबकुछ बता ही दिया है. वैसे सलाह यह है कि, इस वैलेंटाइन डे पर सिर्फ लाल गुलाब ही न दें, बल्कि अपने पार्टनर से यह भी कहें कि वे आपकी जिंदगी में वह ‘हरा सुकून’ भी लेकर आए हैं. चाहे आपकी मोहब्बत का रंग लाल की तरह जोशीला हो या हरे की तरह शांत, सबसे जरूरी है कि वह ‘सच्चा’ हो. तो एक बार जरूर सोचें कि आपके प्यार का मौजूदा रंग क्या है?