Agnivesh Agarwal Death: देश के जाने माने उद्योगपति और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का पूरा परिवार इस वक्त शोक में है. अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में कार्डियक अरेस्ट आने से अचानक निधन हो गया. जब यह खबर उन्हें मिली तो पूरा परिवार और उनसे जुड़ा हर शख्स शोक में डूब गया. अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे दर्दनाक दिन बताया. उन्होंने लिखा कि मेरा बेटा अग्निवेश हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया. वह सिर्फ 49 साल का था. स्वस्थ, जीवन और सपनों से भरपूर. बेटे को अपने पिता से पहले इस तरह दुनिया को छोड़कर नहीं जाना चाहिए.
कैसे हुई मौत?
जानकारी के मुताबिक, अग्निवेश अपने पिता के साथ अमेरिका में स्कीइंग करने गए थे. उस दौरान अग्निवेश स्कीइंग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. उनका इलाज माउंट सिनाई हॉस्पिटल में चल रहा था. परिवार के मुताबिक, वे रिकवर हो रहे थे और सब ठीक चल रहा था. लेकिन, अचानक से उनकी सेहत बिगड़ गई. उन्हें कार्डियक अरेस्ट हो गया, जिससे उनका निधन हो गया. उनके पिता ने इसे सबसे काला दिन बताया.
पटना में जन्म
अनिल अग्रवाल ने बताया कि उनके बेटे का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था. उन्होंने अजमेर के मेयो कॉलेज से पढ़ाई की और सक्सेसफुल पेशेवर करियर बनाया. वे हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी रह चुके हैं. साथ ही अग्निवेश फुजैराह गोल्ड की स्थापना में उनकी अहम भूमिकी थी. उन्हें एक अच्छे लीडर और विनम्रता के तौर पर जाना जाता था. अनिल अग्रवाल के दो बच्चों में एक अग्निवेश थे और बेटी प्रिया है.
कार्डियक अरेस्ट की समस्या
कार्डियक अरेस्ट का सामान्य कारण हृदय गति में आने वाली अनियमितता को माना जाता है. हृदय की विद्युत प्रणाली ठीक से काम नहीं करती है, तब यह समस्या हो सकती है. इस स्थिति में सीने में दर्द, दिल की धड़कन में अनियमितता, सांस लेने में कठिनाई, बेहोशी या चक्कर आने जैसी समस्या हो सकती है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कार्डियक अरेस्ट होने पर कुछ ही मिनटों में मरीज की जान जा सकती है. अगर तुरंत सीपीआर या मेडिकल मदद न मिले तो ये जानलेवा हो सकता है. अक्सर यह बिना किसी चेतावनी के भी हो सकता है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है.
क्या है स्कीइंग जो बना मौत का कारण?
स्कीइंग कनाडा के सबसे पॉपुलर आउटडोर स्पोर्ट्स में से एक है, जो उन शौकीनों को आकर्षित करता है जो शहर की ज़िंदगी से दूर ढलानों पर जाना चाहते हैं. एक रोमांचक मनोरंजक एक्टिविटी के तौर पर, स्कीइंग स्पीड, एड्रेनालाईन और लुभावने नज़ारों को एक साथ लाती है, जो एक बेजोड़ आउटडोर स्पोर्ट्स अनुभव देती है. हालांकि, स्कीइंग में चोट लगने का भी काफी खतरा होता है. इसलिए शुरुआती और अनुभवी दोनों तरह के स्कीर्स के लिए संभावित खतरों को समझना और आम चोटों से बचने के लिए स्कीइंग सेफ्टी को गंभीरता से लेना ज़रूरी है.
स्कीइंग के दौरान होने वाली गंभीर चोटें सबसे ज़्यादा निचले अंगों (खासकर घुटनों) को प्रभावित करती हैं, उसके बाद ऊपरी अंगों और सिर, स्पाइन, गर्दन पर भी गंभीर चोटें आ सकती हैं. स्कीइंग सहित सर्दियों के खेलों से होने वाली चोटें आम हैं, जिसमें सालाना कई हज़ार घटनाओं की रिपोर्ट की जाती है. इनमें से कई में फ्रैक्चर और सिर में चोट जैसी गंभीर चोटें शामिल होती हैं. उदाहरण के लिए सर्दियों के खेलों की सुरक्षा संगठनों के अध्ययनों से पता चलता है कि चोटों के कारण हर साल स्कीइंग से कई लोगों को इमरजेंसी रूम में जाना पड़ता है.
स्कीइंग से जुड़े जोखिम कई कारकों से बढ़ जाते हैं, जिनमें पर्यावरणीय स्थितियां, शारीरिक ज़रूरतें और स्की ढलान का इलाका शामिल हैं.उदाहरण के लिए बर्फीली स्थितियां, खराब विजिबिलिटी और तेज़ी से बदलता मौसम स्कीइंग वाले इलाकों में आम हैं, जिससे कंट्रोल और नेविगेशन मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा चोट से बचने के लिए स्कीइंग के लिए अच्छी शारीरिक फिटनेस की ज़रूरत होती है और इसकी कमी से स्की करने वाले दुर्घटनाओं के प्रति ज़्यादा प्रोन हो सकते हैं.
Today is the darkest day of my life.
My beloved son, Agnivesh, left us far too soon. He was just 49 years old, healthy, full of life, and dreams. Following a skiing accident in the US, he was recovering well in Mount Sinai Hospital, New York. We believed the worst was behind us.… pic.twitter.com/hDQEDNI262
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) January 7, 2026
चोट से बचाव के टिप्स
सुरक्षित अनुभव के लिए स्कीइंग करते समय चोटों से बचाव ज़रूरी है. ढलान पर जाने से पहले वार्म-अप करने से खिंचाव और चोटों का खतरा काफी कम हो सकता है. इसके अलावा यह सुनिश्चित करना कि स्की उपकरण सही ढंग से फिट और मेंटेन किए गए हैं, दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करता है. खासकर वे जिनमें गलत स्की बाइंडिंग शामिल होती हैं. जिससे गंभीर चोटें लग सकती हैं. स्की करने वालों को गिरने और अन्य दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए सही तकनीकों का अभ्यास करना चाहिए, जैसे कि कंट्रोल्ड टर्निंग और ब्रेकिंग (एक्टिवसेफ).