जिस तेज़ी से मार्च की शुरुआत से ही सूरज की तपिश बढ़ने लगी थी. उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि यह गर्मी पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगी लेकिन अब मौसम ने अचानक करवट बदल ली है न सिर्फ़ तापमान में काफ़ी गिरावट आई है बल्कि सुबह के समय लोगों को फिर से हल्की ठंड का एहसास होने लगा है.
अपने ताज़ा अपडेट में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के लगभग 20 राज्यों में भारी तूफ़ान, बारिश और ओलावृष्टि के लिए अलर्ट जारी किया है. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम के मिजाज में आए इस बदलाव से अगले कुछ दिनों तक आम लोगों की दिनचर्या और यात्रा की योजनाओं में बाधा आने की संभावना है. एक राहत की बात यह है कि अगले सात दिनों तक देश के किसी भी हिस्से में लू चलने की बिल्कुल भी संभावना नहीं है.
20 राज्यों के लिए अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार 20 मार्च तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में तेज़ हवाओं और बारिश के साथ आंधी-तूफ़ान आने की प्रबल संभावना है. इस दौरान हवा की गति 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक हो सकती है जो काफ़ी नुकसानदायक साबित हो सकती है. विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में 20 मार्च को भारी बारिश के साथ बर्फ़बारी का अनुमान है.
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए बिजली गिरने और तेज तूफ़ान के संबंध में चेतावनी जारी की गई है. मौसम में आया यह बदलाव सिर्फ़ उत्तरी भारत तक ही सीमित नहीं है. ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी तूफ़ानी मौसम और ओलावृष्टि होने की संभावना है.
दिल्ली और UP में भारी बारिश
बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्र में हुई बारिश ने गर्मी के बढ़ते असर पर फिलहाल रोक लगा दी है. मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले तीन दिनों तक दिल्ली का आसमान बादलों से घिरा रहेगा. पश्चिमी UP में 20 मार्च को तेज तूफ़ान के साथ बारिश होने की संभावना है जबकि पूर्वी UP में 20-21 मार्च को भी ऐसी ही स्थिति बन सकती है. विशेष रूप से 20 मार्च को 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ़्तार से तूफ़ानी हवाएँ पूरे उत्तर प्रदेश में चल सकती हैं. मेरठ, आगरा, मथुरा और सहारनपुर जैसे ज़िलों के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
ओलावृष्टि और तूफ़ानी हवाओं का खतरा
पूर्वी भारत के राज्यों विशेषकर झारखंड और पश्चिम बंगाल में 20 और 21 मार्च को मौसम की स्थिति सबसे ज़्यादा खराब रहने की उम्मीद है, जहाँ हवा की रफ़्तार 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच पहुँच सकती है. झारखंड के लिए ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है, जो फ़सलों के लिए चिंता का कारण बन सकती है. बिहार में भी 20 से 22 मार्च के बीच रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है. दक्षिण भारत के राज्यों में भी तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है. उत्तराखंड के नैनीताल में न्यूनतम तापमान गिरकर 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचने की उम्मीद है, जबकि लखनऊ और पटना जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 33-34 डिग्री के आसपास रहेगा.